ZestMoney To Shut Down: बाय नाउ पे लेटर स्टार्टअप जेस्टमनी (ZestMoney), जिसकी वैल्यू एक समय 3750 करोड़ रु थी, ने कई दिक्कतों के कारण कंपनी बंद करने का फैसला किया है। इससे कंपनी के 150 कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।
रेगुलेटरी अनिश्चितता के कारण जेस्टमनी बंद हो रही है और जेस्टमनी 2.0 नए मैनेजमेंट के तहत सफलता पाने में विफल रही है।
एक समय कंपनी में 500 लोग थे
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार मैनेजमेंट ने टाउनहॉल में कर्मचारियों को सूचित किया कि वह ऑपरेशन बंद कर देगी। बचे हुए 150 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाएगा। जेस्टमनी में एक समय 500 लोग काम करते थे।
जेस्टमनी की मुश्किलें 2023 की शुरुआत में ही शुरू हो गई थीं, जब वॉलमार्ट के ओनरशिप वाली फिनटेक फर्म फोनपे ने बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप की प्रस्तावित खरीदारी को रोकने का फैसला किया था।
क्यों नहीं हो पाई थी फोनपे से डील
फोनपे के साथ डील 1667-2500 करोड़ रु की हो सकती थी। मगर दोनों पक्षों के बीच वैल्यूएशन और हाई डिफॉल्ट रेट जैसे मुद्दों पर बात नहीं बन पाई थी। सितंबर 2021 में अंतिम फंडिंग राउंड के दौरान जेस्टमनी की वैल्यूएशन 3750 करोड़ रु (तब 450 मिलियन डॉलर) थी।
क्या है जेस्टमनी का बिजनेस मॉडल
2016 में लिजी चैपमैन, प्रिया शर्मा और आशीष अनंतरामन द्वारा शुरू किया गया जेस्टमनी एक ईएमआई और पे लेटर नेटवर्क ऑपरेट करता है। जेस्टमनी अपने लोन देने वाले पार्टनर से सीधे कारोबारी को धनराशि डिस्ट्रिब्यूट करता है, जिससे ग्राहकों को पूरी खरीद राशि की एडवांस पेमेंट करने के बजाय समय के साथ छोटी किस्तों में कर्जदाता को भुगतान करने की सुविधा मिलती है। फिनटेक स्टार्टअप टॉप लेवल के निवेशकों से लगभग 140 मिलियन डॉलर (1166 करोड़ रु) जुटाने में कामयाब रही थी, जिसमें पेयू, जिप, रिबिट कैपिटल, क्वोना कैपिटल, शिओमी, ओमिडयार नेटवर्क और गोल्डमैन सैक्स शामिल हैं।
