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What is ESOP: क्या है Employee Stock Ownership Plan, फ्री मिलते हैं कंपनी के कर्मचारियों को शेयर

Employee Stock Ownership Plan: एक बार जब ईएसओपी ऑफर की जाती है, तो वे एक तय अवधि के लिए ट्रस्ट फंड में रखे जाते हैं, जिसे वेस्टिंग पीरियड कहा जाता है। कर्मचारियों को ईएसओपी का उपयोग करके स्टॉक की ओनरशिप का लाभ उठाने के लिए वेस्टिंग पीरियड तक कंपनी में रहना होता है।

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क्या है एम्प्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लान

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • ESOP से कर्मचारियों को फायदा
  • मिलते हैं फ्री या कम रेट पर शेयर
  • पहले दी जाती है शेयरों की ओनरशिप

Employee Stock Ownership Plan: कर्मचारियों का मुआवजा (Employee Compensation) केवल सैलरी पैकेज तक सीमित नहीं होता। आजकल कई कंपनियां कर्मचारियों को उनकी सैलरी के अलावा भी कई चीजें पेश करती हैं। इन्हीं में से एक है एम्प्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लान (ESOP)। ईएसओपी के तहत कर्मचारियों को फ्री या कम रेट पर अपनी कंपनी के शेयर की ओनरशिप मिलती है, जिन्हें वे फ्यूचर में बेचकर पैसा कमा सकते हैं।

शेयर बेचकर कमाई करने का मौका

ईएसओपी के तहत कोई एम्प्लॉयर या कंपनी अपने कर्मचारियों को कम या बिना कोई चार्ज लिए कंपनी के स्टॉक की ओनरशिप देती है, जिन्हें वे एक निश्चित अवधि के बाद बेच सकते हैं और पैसा कमा सकते हैं। एम्प्लॉयर्स ईएसओपी के तहत ऑफर किए जाने वाले शेयरों की संख्या, उनकी कीमत और लाभार्थी कर्मचारियों के नाम तय करते हैं। फिर कर्मचारियों को ईएसओपी का बेनेफिट दिया जाता है।

ट्रस्ट फंड में रखे जाते हैं शेयर

एक बार जब ईएसओपी ऑफर की जाती है, तो वे एक तय अवधि के लिए ट्रस्ट फंड में रखे जाते हैं, जिसे वेस्टिंग पीरियड कहा जाता है। कर्मचारियों को ईएसओपी का उपयोग करके स्टॉक की ओनरशिप का लाभ उठाने के लिए वेस्टिंग पीरियड तक कंपनी में रहना होता है।

एक बार ये अवधि समाप्त हो जाए तो कर्मचारियों को अपने ईएसओपी का उपयोग करने का अधिकार मिल जाता है। फिर कर्मचारी अपने ईएसओपी का उपयोग कर सकते हैं और अलॉट की गई कीमतों पर कंपनी के शेयर खरीद सकते हैं, जो मार्केट रेट से कम या जीरो होगा। कर्मचारी ईएसओपी के जरिए खरीदे गए शेयरों को भी बेच सकते हैं और शेयरों पर लाभ कमा सकते हैं।

अगर कंपनी छोड़ें तो क्या होगा

यदि कर्मचारी कंपनी छोड़ दे तो या वेस्टिंग पीरियड से पहले रिटायर हो जाता है, तो कंपनी को 60 दिनों के भीतर फेयर मार्केट वैल्यू पर ईएसओपी वापस खरीदनी होती है। ध्यान रहे कि भारत में ईएसओपी पर टैक्स लगता है। कर्मचारी जब शेयरों का यूज या ट्रांसफर करे तो उस पर टैक्स लगता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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