पिछले हफ्ते शेयर बाजार में तेजी रही। बीएसई सेंसेक्स 780.71 अंक चढ़ा, और निफ्टी में 239.55 अंक की तेजी आई। बाजार में तेजी आने का असर सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों के मार्केट कैप पर दिखाई दिया। देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में सात का संयुक्त मार्केट कैप 74,573.63 करोड़ रुपये बढ़ गया। इस दौरान एचडीएफसी बैंक को सबसे ज्यादा लाभ हुआ। यानी एचडीएफसी के निवेशकों को सबसे अधिक फायदा हुआ। इसके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को फायदा हुआ। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और इंफोसिस के मूल्यांकन में गिरावट आई। यानी इन 3 कंपनियों के निवेशकों को नुकसान हुआ।
HDFC Bank का मार्केट कैप 30,106 करोड़ बढ़ा
एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 30,106.28 करोड़ रुपये बढ़कर 14,81,889.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 20,587.87 करोड़ रुपये बढ़कर 5,72,507.17 करोड़ रुपये हो गया। भारतीय स्टेट बैंक का मूल्यांकन 9,276.77 करोड़ रुपये बढ़कर 8,00,340.70 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मूल्यांकन 7,859.38 करोड़ रुपये बढ़कर 5,97,806.50 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 19,351.44 करोड़ रुपये घटकर 18,45,084.98 करोड़ रुपये रह गया। भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 12,031.45 करोड़ रुपये घटकर 10,80,891.08 करोड़ रुपये और इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण 850.32 करोड़ रुपये घटकर 6,00,954.93 करोड़ रुपये रह गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे मूल्यवान कंपनी
देश में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) सितंबर में भारतीय इक्विटी के शुद्ध विक्रेता बने रहे। इस दौरान उन्होंने 23,885 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, और इस साल अब तक उन्होंने कुल 1.58 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली के बाद यह निकासी का लगातार तीसरा महीना है।
