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सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों को सरकार का निर्देश, ग्राहकों के लिए करें ये काम, ताकि बढ़े भरोसा

Insurance Claim : वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने सरकारी बीमा कंपनियों को निर्देश दिया कि वे ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दें, शिकायतों का समय पर समाधान करें और दावा निपटान प्रक्रिया तेज एवं निर्बाध बनाएं। उन्होंने यह बात 2024-25 और 2025-26 की पहली छमाही के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

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सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों को ग्राहकों पर ध्यान देने की हिदायत (तस्वीर-istock)

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Insurance Claim : वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने सरकारी बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को बेहतर और कुशल सेवाएं देने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों को ग्राहकों की शिकायतों का समय पर समाधान करना चाहिए और दावा निपटान की प्रक्रिया को सरल, तेज और निर्बाध बनाना चाहिए। इससे न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि कंपनियों की साख भी मजबूत होगी।

बीमा कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक एम नागराजू ने वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 की पहली छमाही के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य बीमा कंपनियों की मौजूदा स्थिति, उनकी चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करना था। बैठक में बीमा कंपनियों की आय, मुनाफा, बाजार हिस्सेदारी और ग्राहक सेवा से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार किया गया।

लाभदायक कारोबार बढ़ाने पर जोर

वित्तीय सेवा सचिव ने कहा कि सरकारी बीमा कंपनियों को लाभदायक व्यवसाय बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि कंपनियां केवल बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसी रणनीतियां अपनाएं जिससे मुनाफा भी बढ़े। इसके साथ ही उन्होंने खुदरा बीमा पोर्टफोलियो को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता बताई, ताकि आम लोगों तक बीमा सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंच सकें।

ग्राहक सेवा और दावा निपटान में सुधार जरूरी

नागराजू ने कहा कि बीमा क्षेत्र में ग्राहक सेवा की भूमिका बेहद अहम है। यदि शिकायतों का समाधान समय पर नहीं होता या दावों के निपटान में देरी होती है, तो इससे ग्राहकों का भरोसा कमजोर पड़ता है। इसलिए बीमा कंपनियों को तकनीक का अधिक उपयोग कर दावा प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राहक संतुष्टि ही बीमा कंपनियों की दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है।

युवा पीढ़ी और उभरते जोखिमों के लिए नए प्रोडक्ट्स

बैठक के दौरान वित्तीय सेवा सचिव ने यह भी कहा कि बीमा कंपनियों को युवा पीढ़ी की जरुरतों को समझते हुए नए और अभिनव उत्पाद विकसित करने चाहिए। आज के समय में युवाओं की जीवनशैली, रोजगार के स्वरूप और जोखिम पहले से अलग हैं। ऐसे में पारंपरिक बीमा योजनाओं के साथ-साथ उभरते जोखिमों को ध्यान में रखकर अनुकूलित बीमा उत्पाद तैयार करने की जरुरत है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

इस अहम समीक्षा बैठक में देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इनमें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के सीईओ और प्रबंध निदेशक आर दोरईस्वामी, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) के कार्यकारी निदेशक हितेश जोशी, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की सीएमडी गिरिजा सुब्रमण्यन और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की सीएमडी राजेश्वरी सिंह मुनि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के सीएमडी बी एस राहुल, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के सीएमडी संजय जोशी और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड की सीएमडी लावन्या आर मुंदयूर भी बैठक में शामिल हुईं।

भविष्य की दिशा तय करने की कोशिश

इस समीक्षा बैठक को सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि बीमा कंपनियों को वित्तीय मजबूती के साथ-साथ ग्राहक हितों को भी समान महत्व देना होगा। बेहतर सेवा, तेज दावा निपटान और नए उत्पादों के जरिए ही सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां बदलते बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रख सकती हैं।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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