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Finance Bill 2025: फाइनेंस बिल पर बोलीं वित्त मंत्री, 'टैक्स पर मिलेगी बड़ी राहत, आयकर में सालाना 20% हो रहा इजाफा'

Finance Bill 2025, FM Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक 2025 को बेमिसाल टैक्स राहत देने वाला बताते हुए मंगलवार को कहा कि व्यक्तिगत इनकम टैक्स कलेक्शन में 13.14 प्रतिशत की वृद्धि का ‘यथार्थवादी’ अनुमान ठोस आंकड़ों पर आधारित है।

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नए फाइनेंस बिल पर वित्त मंत्री का बयान

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • नए फाइनेंस बिल पर वित्त मंत्री का बयान
  • टैक्स पर मिलेगी बड़ी राहत
  • आयकर में सालाना 20% हो रहा इजाफा

Finance Bill 2025, FM Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक 2025 को बेमिसाल टैक्स राहत देने वाला बताते हुए मंगलवार को कहा कि व्यक्तिगत इनकम टैक्स कलेक्शन में 13.14 प्रतिशत की वृद्धि का ‘यथार्थवादी’ अनुमान ठोस आंकड़ों पर आधारित है। सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2025 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बजट में सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाने के लिए घोषित कदम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और घरेलू वैल्यू एडिशन को सपोर्ट करेंगे, निर्यात को बढ़ावा देंगे, व्यापार को सुविधाजनक बनाएंगे और आम लोगों को भी राहत प्रदान करेंगे।

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1 लाख करोड़ का टैक्स होगा माफ

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक फरवरी को पेश किए गए बजट में सरकार ने आयकर छूट को पहले के सात लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दिया। आयकर छूट में बढ़ोतरी से अगले वित्त वर्ष में करीब एक लाख करोड़ रुपये का टैक्स माफ होगा।

सीतारमण ने कहा कि बजट में 12 लाख रुपये प्रति वर्ष से थोड़ी अधिक इनकम वाले टैक्सपेयर्स के लिए भी आयकर कानून के तहत ‘मामूली राहत’ दी गई है। उन्होंने कहा, ‘‘वित्त विधेयक करदाताओं को सम्मानित करने के लिए अभूतपूर्व टैक्स राहत देता है। हमने मध्यम वर्ग के योगदान को मान्यता दी है।’’

इनकम टैक्स कलेक्शन में शानदार उछाल

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में व्यक्तिगत आयकर संग्रह में काफी उछाल आया है और यह सालाना लगभग 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 में व्यक्तिगत आयकर संग्रह 13.6 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए संशोधित अनुमान 12.2 लाख करोड़ रुपये है। इस तरह 12.2 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 13.6 लाख रुपये होने जा रहे हैं और यह एक निहायत ही यथार्थवादी गणना है।’’

इनकम टैक्स रेवेन्यू में 13.14% बढ़ोतरी का अनुमान

एक अप्रैल से शुरू होने जा रहे अगले वित्त वर्ष में व्यक्तिगत आयकर राजस्व में 13.14 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान है। इसमें आयकर राहत से आई एक लाख करोड़ रुपये की कमी के बाद सात प्रतिशत की गिरावट को भी शामिल किया गया है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘इसलिए, 2025-26 के लिए आयकर का अनुमानित संग्रह ठोस आंकड़ों पर आधारित है।’’

बजट का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना

ऑनलाइन विज्ञापनों पर लगने वाले छह प्रतिशत समानीकरण कर को हटाने के लिए संशोधन किए जाने पर सीतारमण ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थितियों में अनिश्चितता दूर करने के लिए किया गया।

सीमा शुल्क की दरों को युक्तिसंगत बनाने पर वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और कच्चे माल एवं उत्पादन सामग्री पर शुल्क कम करके निर्यात की प्रतिस्पर्धी क्षमता को बढ़ाना है, जिससे घरेलू उत्पाद अधिक लागत प्रभावी बनेंगे।

निर्यात को होगा फायदा

सीमा शुल्क दर संरचना की व्यापक समीक्षा के बारे में जुलाई, 2024 के बजट में की गई घोषणा को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय बजट 2025-26 में औद्योगिक वस्तुओं के लिए सात सीमा शुल्क दरों को हटाने का प्रस्ताव किया गया है।

सीमा शुल्क दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए संचालित दो चरणों में यह संख्या 21 से घटाकर आठ पर लाई जा चुकी है जिसमें ‘शून्य’ दर वाली वस्तुएं भी शामिल हैं।

सीतारमण ने कहा, ‘‘आयातित उत्पादन सामग्री की लागत कम होने से कई भारतीय निर्यात अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।’’

11,259.29 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित

वित्त मंत्री ने कहा कि कर विभाग ने एक अभियान चलाकर करदाताओं से अपनी विदेशी आय और संपत्ति का स्वेच्छा से खुलासा करने को कहा। इस क्रम में लगभग 19,501 चुनिंदा करदाताओं को एसएमएस और ई-मेल भेजकर अपने आयकर रिटर्न की समीक्षा करने के लिए कहा गया।

इनमें से 11,162 करदाताओं ने अपने रिटर्न को संशोधित किया और विदेशी संपत्ति वाला फॉर्म भरकर 11,259.29 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की।

1,089 करोड़ रुपये की विदेशी आय की घोषणा

सीतारमण ने कहा कि इससे पैदा हुए प्रभाव के चलते अन्य करदाताओं ने भी विदेशी संपत्तियों का खुलासा करने वाले रिटर्न दाखिल किए। इससे कुल 30,161 करदाताओं ने 29,208 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति और 1,089 करोड़ रुपये की विदेशी आय की घोषणा की।

वित्त मंत्री ने नरेन्द्र मोदी सरकार को कर्मचारी और पेंशनभोगी मुद्दों के प्रति सहानुभूति रखने वाली सरकार बताते हुए कहा कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग से पहले और बाद के पेंशनभोगियों के बीच पूर्ण समानता लागू की गई है।

2008 में लिए गए फैसले का सम्मान

वित्त मंत्री ने संशोधन के संबंध में कहा कि सरकार ने पेंशन निर्धारण के तरीके की मार्च, 2008 की स्थिति को बहाल कर दिया है जिसकी सिफारिश छठे केंद्रीय वेतन आयोग ने की थी।

वित्त मंत्री ने स्थिति को बहाल करने में हुई 16 साल की देरी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘कई अदालती मामले चल रहे थे। हमें फैसले आने का इंतजार करना पड़ा। अब फैसले आ चुके हैं। हम 2008 में लिए गए फैसले का सम्मान करने जा रहे हैं।’’’

क्या होंगी टैक्स अधिकारी की शक्तियां

टैक्स अधिकारी तलाशी के मामलों में व्यापक मूल्यांकन के लिए सिर्फ अघोषित आय का निर्धारण करेंगे, न कि करदाता की कुल आय का। सरकार ने इसके लिए वित्त विधेयक, 2025 में संशोधन का प्रस्ताव दिया है।

लोकसभा ने वित्त विधेयक को मंगलवार को मंजूरी दी और उक्त संशोधन एक सितंबर, 2024 से पिछली तारीख से प्रभावी होगा।

तलाशी का मकसद अघोषित आय का पता लगाना

सरकार ने आयकर अधिनियम के अध्याय 14-बी में संशोधन किया है, जिसके जरिये ‘कुल आय’ के आकलन की अवधारणा को ‘अघोषित आय’ के आकलन से बदल दिया गया है।

यह उन 35 संशोधनों का हिस्सा है, जिन्हें लोकसभा ने मंगलवार को वित्त विधेयक, 2025 में मंजूरी दी।

आयकर विभाग ने ‘अक्सर पूछे जाने वाले सवाल’ (एफएक्यू) जारी कर बताया कि यह एक आदर्श बदलाव है, जहां तलाशी का मकसद अघोषित आय का पता लगाना है। इसमें कहा गया कि तलाशी अभियान के बाद जांच का सामना करने वाले करदाताओं की नियमित आय पर लागू दर की जगह, अलग से कर लगाया जाएगा। (इनपुट - भाषा)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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