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FII का 'लाड़ला' बना ये स्टॉक, 7.6% से बढ़कर 25% हुई हिस्सेदारी, 290% का मिला रिटर्न

भारतीय बाजार से भले ही विदेशी निवेशक रूठे हुए दिख रहे हैं। लेकिन, कुछ स्टॉक्स पर जमकर दांव लगा रहे हैं। यहां जिस स्टॉक की बात कर रहे हैं, उसमें विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 25% तक पहुंच गई है।

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जमकर खरीद रहे विदेशी निवेशक

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत और पोर्टफोलियो निवेशक (FII/FPI) पिछले एक साल से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। इस साल अब तक करीब 3 लाख करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं। हाई वैल्यूएशन, ग्लोबल अनिश्चितताओं और जियो पॉलिटिकल तनाव के बीच FII को भारतीय बाजार में अवसर से ज्यादा जोखिम नजर आ रहा है। लेकिन, इस माहौल में भी कुछ कंपनियां ऐसी हैं, जिन पर विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। जून 2026 तिमाही तक के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक MTAR Technologies एक ऐसा शेयर है, जिसमें FII ने लगातार4 तिमाहियों तक हिस्सेदारी बढ़ाई।

कब निवेश बढ़ाते हैं FII?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब विदेशी निवेशक लगातार कई तिमाहियों तक किसी कंपनी में निवेश बढ़ाते हैं, तो यह उस कंपनी के बिजनेस मॉडल, ग्रोथ और भविष्य की संभावनाओं पर उनके भरोसे का संकेत माना जाता है।

कितनी बढ़ी हिस्सेदारी?

जून 2026 तिमाही तक के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक FII ने MTAR Technologies में लगातार 4 तिमाहियों से हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसकी वजह से इस शेयर में एक साल पहले जहां विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 7.6% थी, वहीं अब यह बढ़कर 24.8% हो गई है।

मल्टीबैगर बने शेयर

इस शेयर को इस साल के टॉप Multibagger Stock में शामिल किया गया है। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी की वजह से एक साल में शेयर ने 290% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। MTAR Technologies Share Price Price 1525 रुपये से बढ़कर 5878 रुपये तक पहुंच गया।

पैरामीटरजून 2026सालाना बदलाव (YoY)
Revenue₹156.6 करोड़+22%
Operating Profit₹20 करोड़करीब +91%
Net Profit (PAT)₹10.8 करोड़+144%
EBITDA Margin18.1%12.9% से बढ़कर 18.1%
PAT Margin6.9%3.5% से बढ़कर 6.9%

क्या करती है कंपनी?

MTAR Technologies हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग उत्पाद बनाने वाली कंपनी है। कंपनी का कारोबार कई हाई-ग्रोथ सेक्टरों से जुड़ा है। इनमें रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सरकार के बढ़ते निवेश और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने से कंपनी के कारोबार की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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