FD in Spouse's Name: सुरक्षित निवेश के लिए बहुत से लोग एफडी का विकल्प चुनते हैं। एफडी स्कीम पर बैंक की ओर से सीनियर सिटिजन को सामान्य नागरिकों से अधिक ब्याज दर मिलती है। यही वजह है कि रिटायरमेंट के बाद अपनी जमा पूंजी को लोग एफडी में निवेश करना पसंद करते हैं। हालांकि, एक लिमिट के बाद एफडी के ब्याज पर टैक्स कटता है इसलिए बहुत से लोग टैक्स से बचने के लिए अपनी हाउसवाइफ पत्नी के नाम एफडी खुलवा लेते हैं। हालांकि, सवाल अब यह कि क्या एफडी का ब्याज 1 लाख रुपये की लिमिट पार होने के बाद आयकर रिटर्न (ITR) में इसका दावा किया जा सकता है?
उदाहरण के लिए मान लेते हैं कि एक रिटायर्ड व्यक्ति अपनी रिटायरमेंट राशि का कुछ हिस्सा पत्नी के नाम बैंक FD में निवेश कर देता है। पत्नी गृहिणी हैं और उनकी कोई अन्य आय नहीं है। अब क्योंकि FD के लिए पैसा पति द्वारा दिया गया था, इसलिए आयकर कानून के क्लबिंग प्रावधान (Clubbing Provisions) के तहत उस FD से मिलने वाला ब्याज पति की आय में जोड़ा जाएगा। ब्याज राशि एक लाख रुपये से अधिक होने के कारण बैंक उस पर TDS भी काटेगा।
क्लबिंग प्रावधान क्या है?
आयकर नियमों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को पैसा उपहार (Gift) के रूप में देता है और उस पैसे से पत्नी कोई निवेश करती हैं, तो उस निवेश से होने वाली आय कई मामलों में मूल धन देने वाले व्यक्ति की आय मानी जाती है। इसे क्लबिंग प्रावधान कहा जाता है। यानी FD भले ही पत्नी के नाम हो, लेकिन अगर पैसा पति का है तो उस FD का ब्याज पति की आय में जोड़ा जा सकता है।
क्या पत्नी TDS से बचने के लिए फॉर्म जमा कर सकती हैं?
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर प्रावधानों के तहत TDS कटौती से बचने के लिए निर्धारित घोषणा-पत्र तभी दिया जा सकता है जब संबंधित आय वास्तव में उसी व्यक्ति की कर योग्य आय हो। इस मामले में FD का ब्याज पत्नी की आय में शामिल नहीं होता और क्लबिंग नियमों के कारण पति की आय माना जाता है, इसलिए पत्नी फॉर्म जमा नहीं कर सकतीं।
TDS क्रेडिट किसे मिलेगा?
यह इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। अगर बैंक ने FD पर TDS काट लिया है, तो उसका क्रेडिट पति अपने ITR में दावा कर सकते हैं। आयकर रिटर्न में ऐसी सुविधा उपलब्ध है, जहां पति या पत्नी बच्चों की क्लब की गई आय पर कटे TDS का दावा किया जा सकता है। इसके लिए ITR भरते समय पत्नी का PAN सही तरीके से दर्ज करना जरूरी है ताकि TDS क्रेडिट सही व्यक्ति को मिल सके।
डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या बॉन्ड्स में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
