Greaves Electric Mobility IPO: ग्रीव्स कॉटन की सब्सिडियरी कंपनी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने IPO लाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया है। यानी इसने IPO लाने के लिए सेबी के पास आवेदन कर दिया है। कंपनी इस ऑफर के जरिए 1,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें नए इक्विटी शेयरों के साथ-साथ ऑफर-फॉर-सेल के जरिए भी शेयर बेचे जाएंगे। ग्रीव्स कॉटन 5.1 करोड़ शेयर बेचेगी और अब्दुल लतीफ जमील ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस डीएमसीसी के जरिए 13.84 करोड़ शेयर बेचेंगे। इस समय ग्रीव्स कॉटन की कंपनी में 62.48% हिस्सेदारी है, जबकि अब्दुल लतीफ जमील ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस डीएमसीसी के पास 36.44% हिस्सेदारी है।
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क्या होगा IPO फंड का
आईपीओ के माध्यम से जुटाए जाने वाले फंड में से कुछ हिस्सा कंपनी ग्रोथ में खर्च करेगी। इसे भारत में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में विस्तार से फायदा मिलने की उम्मीद है। ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपने 'एम्पीयर' ब्रांड के ई-स्कूटर के लिए जानी जाती है और एक अलग ब्रांड के तहत तिपहिया वाहन भी बनाती है।
EV सेगमेंट की प्रमुख कंपनियों में से एक
ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड भारत के उभरते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रमुख कंपनियों में से एक है और ईवी को अपनाने में सबसे आगे रही है। कंपनी व्यक्तिगत और कारोबारी उपयोग के लिए B2C और B2B ग्राहकों को इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का डायवर्सिफाई पोर्टफोलियो प्रोवाइड करती है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
