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Ethanol Production: एथनॉल का टारगेट पूरा करने के लिए 990 करोड़ लीटर की जरूरत, जानें कैसे होगा पूरा

Ethanol Production: क्रिसिल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारत को वर्ष 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने का लक्ष्य यानी सालाना 990 करोड़ लीटर की पूर्ति के लिए, अनाज और गन्ने दोनों के फीडस्टॉक के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता होगी।

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एथनॉल उत्पादन

Ethanol Production:एथनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत मिश्रण के सरकार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अधिक गन्ने के उपयोग की आवश्यकता होगी। भारत को ईएसवाई 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने का लक्ष्य यानी सालाना 990 करोड़ लीटर एथनॉल की जरूरत होगी। अगर ऐसा होता है तो न केवल भारत अपना लक्ष्य पूरा करेगा, बल्कि देश में चीनी भंडार स्तर और मिल मालिकों के कैश फ्लो में भी सुधार होने की संभावना है।ईएसवाई नवंबर से अक्टूबर महीने तक चलता है।

अभी कितना होता है उत्पादन

क्रिसिल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारत को वर्ष 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने का लक्ष्य यानी सालाना 990 करोड़ लीटर की पूर्ति के लिए, अनाज और गन्ने दोनों के फीडस्टॉक के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता होगी। इसमें कहा गया है कि अगले सत्र तक अनाज से वार्षिक एथनॉल उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होकर इसके 600 करोड़ लीटर तक पहुंचने की उम्मीद है (इस सत्र का उत्पादन अनुमान 380 करोड़ लीटर है)।

क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा कि शेष मात्रा का उत्पादन गन्ने से एथनॉल के प्रसंस्करण द्वारा करना होगा, जो पर्याप्त क्षमता को देखते हुए व्यावहारिक है।क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा कि यह बदले में चीनी भंडार को बेहतर करने में मदद कर सकता है, विशेष रूप से एथनॉल उत्पादन और निर्यात के लिए ‘डायवर्जन’ पर सरकारी प्रतिबंध के कारण चालू सत्र के अंत में कैरी-ओवर स्टॉक को देखते हुए ऐसा कहा जा सकता है।

कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी

एथनॉल सम्मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईएसवाई 2021 के बाद से प्रत्येक सत्र में एथनॉल सम्मिश्रण दर में लगातार दो से तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है।हालांकि, एथनॉल के उत्पादन के लिए अनाज के उपयोग को नियंत्रित नहीं किया जाता है। लेकिन सरकार चीनी की मांग-आपूर्ति संतुलन के अपने अनुमान के आधार, अगले वर्ष के लिए गन्ने के उपयोग की मात्रा निर्धारित करती है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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