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EPFO UPI Withdrawal: इंतजार खत्म! जल्द निकाल पाएंगे यूपीआई से PF का पैसा, आ गई नई डेट

एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) मई के आखिर तक यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जुड़े विड्रॉल शुरू कर सकता है क्योंकि अब सेंट्रलाइज्ड IT इनेबल्ड सिस्टम (CITES) 2.0 में बदलाव के आखिरी हिस्से की टेस्टिंग चल रहा है।

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यूपीआई से निकाल पाएंगे पीएफ का पैसा

EPFO UPI Withdrawal: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों कर्मचारी पीएफ से UPI के जरिये पैसे निकालने की सुविधा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब इसको लेकर गुड न्यूज आ गई है। ईपीएफओ की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह नई सुविधा मई से शुरू हो जाएगी। पहले इस मार्च के आखिर में शुरू होने की उम्मीद थी लेकिन इसके रोलआउट में देरी हुई क्योंकि छठे और आखिरी मॉड्यूल के लिए यूजर टेस्टिंग चल रही है। बता दें कि CITES 2.0, EPFO का अपने कोर IT सिस्टम का ओवरहॉल है, ताकि कई पुराने, ऑफिस-बेस्ड प्लेटफॉर्म को एक सिंगल, सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से बदला जा सके।

पीएफ बैलेंस का 75% तक पैसा निकाल सकेंगे

मिली जानकारी के अनुसार, EPFO UPI Withdrawal की इस व्यवस्था के जरिए यूजर्स अपने पीएफ बैलेंस का 75% तक पैसा निकाल सकेंगे। EPFO की मौजूदा प्रणाली में लंबे समय से कई समस्याएं रही हैं, जिनमें क्लेम सेटलमेंट में देरी, सदस्य डेटा में त्रुटियां और नौकरी बदलने पर अकाउंट ट्रांसफर में दिक्कतें शामिल हैं। इसको बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसका असर होना शुरू भी हो गया है। क्लेम सेटलमेंट से लेकर अकाउंट ट्रांसफर करना आसान हो गया है।

इसी मंत्रालय से सबसे अधिक शिकायत

श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, साल 2025 (नवंबर तक) में सरकार के पास आने वाली कुल शिकायतों में सबसे ज्यादा 15.5% शिकायतें इसी मंत्रालय से जुड़ी थीं, जो 2024 की समान अवधि के 8.4% से काफी अधिक है। संख्या के लिहाज से, मंत्रालय को 2,31,786 शिकायतें मिलीं, जो कि वित्तीय सेवा विभाग (1,70,704) और दूरसंचार विभाग (81,258) से भी ज्यादा हैं। इनमें से अधिकतर शिकायतें पीएफ निकासी, पेंशन और वेतन से जुड़ी थीं, जो मुख्य रूप से EPFO के माध्यम से दर्ज की गई थीं।

भारत में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) करोड़ों कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड को मैनेज करता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में PF निकासी को लेकर सिस्टम पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। क्लेम सेटलमेंट में देरी, KYC/डेटा की गलतियां, और नौकरी बदलने पर अकाउंट ट्रांसफर में दिक्कतें आम शिकायतें रही हैं।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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