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EPFO लेकर आया 'Passbook Lite', पीएफ बैलेंस चेक करना हुआ आसान, फास्ट-ट्रैक क्लेम सेटलमेंट भी शुरू, पढ़ें ताजा ऐलान

ईपीएफओ के 'पासबुक लाइट' सुविधा से बिना पासबुक पोर्टल पर जाए, अंशदान, निकासी और पीएफ में जमा राशि का समरी देखना संभव होगा। ईपीएफओ ने क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रभारी अधिकारी के पास निहित अधिकार को सहायक पीएफ आयुक्तों या निचले पदों पर कार्यरत अधिकारियों को दे दिया है।

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ईपीएफओ

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने EPFO 3.0 सुधारों के तहत, अपने अंशधारकों के लिए 'पासबुक लाइट' सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के शुरू होने से पीएफ बैंलेंस चेक करने के लिए पासबुक पोर्टल पर लॉगिन नहीं करना होगा। सीधे मेंबर पोर्टल पर ही एक सिंपल समरी पासबुक दिखेगी। 'पासबुक लाइट' सुविधा से बिना पासबुक पोर्टल पर जाए, अंशदान, निकासी और पीएफ में जमा राशि का समरी देखना संभव होगा।

इसके साथ ही EPFO ने अनुलग्नक K - पिछले नियोक्ता द्वारा जारी किया गया स्थानांतरण प्रमाणपत्र को भी ऑनलाइन उपलब्ध कराया है, ताकि नौकरी बदलने वाले कर्मचारी अपने भविष्य निधि खातों को ऑनलाइन स्थानांतरित कर सकें और आवेदन की स्थिति पर नजर रख सकें। अभी तक जब कर्मचारी नौकरी बदलते हैं, तो उनका प्रोविडेंट फंड (PF) खाता फॉर्म 13 ऑनलाइन के जरिए नए नियोक्ता के पास ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके साथ ही ट्रांसफर सर्टिफिकेट (Annexure K) नए पीएफ ऑफिस को भेजा जाता है। पहले Annexure K सिर्फ पीएफ ऑफिसों के बीच शेयर किया जाता था और कर्मचारियों को यह केवल अनुरोध करने पर ही मिलता था।

अब सीधे पोर्टल से डाउनलोड कर पाएंगे

अब कर्मचारी सीधे पोर्टल से Annexure K पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं और ट्रांसफर की स्थिति (status) को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी और एक स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड भी रहेगा, जो भविष्य में EPS (Employees’ Pension Scheme) लाभ की गणना में काम आ सकता है। सदस्य यह भी देख पाएंगे कि उनका PF बैलेंस और पिछली नौकरी की सर्विस अवधि सही तरीके से नए अकाउंट में अपडेट हुई है या नहीं।

फास्ट-ट्रैक क्लेम सेटलमेंट शुरू

करोड़ों पीएफ सदस्यों को क्लेम समय पर नहीं मिलने की शिकायत रहती है। इसको देखते हुए ईपीएफओ ने फास्ट-ट्रैक क्लेम सेटलमेंट शुरू करने का ऐलान किया है। अब क्लेम आसानी से मिले, इसके लिए अप्रूवल का पावर नीचे लेवल के अधिकारियों को दे दिया गया है। पहले ऊंचे अफसर की अप्रूवल जरूरी था। इससे क्लेम का निपटारा तेज और आसानी से हो पाएगा।

ईपीएफओ ने क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रभारी अधिकारी के पास निहित अधिकार को सहायक पीएफ आयुक्तों या निचले पदों पर कार्यरत अधिकारियों को दे दिए हैं। इन अधिकारियों के पास ट्रांसफर, क्लेम प्रॉसेस, cheque/ECS/NEFT रिटर्न या ब्याज समायोजन के अधिकार होंगे। पहले, कई ईपीएफओ सेवाओं के लिए उच्च-स्तरीय अधिकारियों से अनुमोदन की आवश्यकता होती थी, जिससे प्रक्रिया बहुस्तरीय हो जाती थी और प्रोसेसिंग समय बढ़ जाता था। नए सुधार के साथ, दावा निपटान प्रक्रिया कम समय के साथ तेज़ होने की उम्मीद है। यह अनुमोदन स्तरों को भी सरल बनाता है और क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर जवाबदेही में सुधार करता है, जिसके परिणामस्वरूप सदस्य अधिक संतुष्टि के साथ अधिक पारदर्शी तरीके से सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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