EPF Withdraw Rules 2026 : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) और पेंशन राशि की आंशिक और पूर्ण निकासी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 'EPF योजना 2026' के लागू होने के बाद सदस्यों के मन में अपनी रिटायरमेंट बचत तक पहुंच को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। इन आशंकाओं और नए नियमों की स्थिति स्पष्ट करते हुए केंद्र सरकार ने लोकसभा में पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी है।
फाइनल सेटलमेंट पर 12 महीने और पेंशन पर 36 महीने की प्रतीक्षा अवधि
संसद में नए संशोधनों से जुड़े एक सवाल के लिखित उत्तर में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्पष्ट किया कि EPFO ने समय पूर्व अंतिम EPF सेटलमेंट के लिए 12 महीने की प्रतीक्षा अवधि (वेटिंग पीरियड) तय की है। इसके अतिरिक्त, एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत निकासी लाभ प्राप्त करने के लिए 36 महीने का वेटिंग पीरियड लागू किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब कर्मचारी नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद अपना पूरा EPF और पेंशन का पैसा एक साथ नहीं निकाल सकेंगे।
वेटिंग पीरियड के दौरान भी मिलेगी 75% राशि निकालने की छूट
सरकार ने साफ किया है कि नए वेटिंग पीरियड लागू होने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि सदस्यों के लिए अपने जमा पैसे तक पहुंच पूरी तरह से बंद हो गई है। नियमों में यह संतुलन बनाया गया है कि अंतिम सेटलमेंट पर रोक के साथ-साथ आंशिक निकासी और एडवांस के नियमों को काफी उदार व सरल बना दिया गया है। सदस्य अपनी कुल जमा राशि का 75% तक हिस्सा तीन प्रमुख श्रेणियों के तहत निकाल सकते हैं:- अनिवार्य आवश्यकताएं (जैसे मेडिकल या शिक्षा), आवास से जुड़ी जरूरतें (घर खरीदना या बनाना),विशेष परिस्थितियां (जैसे बेरोजगारी के दौरान खर्च)। इसके अलावा, सदस्य बिना कोई कारण बताए विशेष परिस्थितियों के तहत हर साल दो बार अपनी कुल जमा राशि का 75% हिस्सा एडवांस के रूप में निकालने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, खाते में 25% का न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा ताकि सेवानिवृत्ति की सुरक्षा बनी रहे।
हितधारकों से चर्चा के बाद लागू हुए नए नियम
निकासी पर लगी पाबंदियों और 36 महीने की पेंशन प्रतीक्षा अवधि को लेकर कर्मचारियों व ट्रेड यूनियनों की चिंताओं पर सरकार ने बताया कि इन सभी बदलावों को पूरी तरह से लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लागू किया गया है। इन संशोधनों को केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 238वीं बैठक में विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श के बाद ही सरकार को सिफारिश के लिए भेजा गया था। इस बोर्ड में मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों, नियोक्ता संगठनों और केंद्र व राज्य सरकारों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
डिजिटल सेटलमेंट और शिकायत निवारण तंत्र होगा मजबूत
नियमों में बदलाव के कारण कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की वित्तीय कठिनाई या दावों के निपटारे में परेशानी न हो, इसके लिए EPFO अपने प्रशासनिक ढांचे को सुधार रहा है। सरकार के अनुसार, EPFO अपने डिजिटल क्लेम सेटलमेंट सिस्टम को और मजबूत कर रहा है ताकि आंशिक निकासी और एडवांस के दावों का समय पर भुगतान हो सके। साथ ही, सदस्यों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाया जा रहा है और नए नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आउटरीच कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
