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VIVO India:वीवो-इंडिया मामले ED ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया, मनीलांड्रिंग का चल रहा है केस

VIVO India ED Case:ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने टैक्स बचाने के लिए कई शेल कंपनियां बनाईं और अवैध रूप से चीन पैसा भेजा। आरोप के अनुसार चीन को अवैध रूप से फंड ट्रांसफर करने के लिए भारत में कई कंपनियों का गठन किया गया।

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वीवो इंडिया ईडी केस

Vivo India ED Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो और कुछ अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग के आरोप में चल रही जांच के तहत तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया था। हालांकि, तीनों आरोपियों की पहचान तत्काल जाहिर नहीं की गई है। एजेंसी ने पहले इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था ।

ये लोग हो चुके हैं गिरफ्तार

संघीय एजेंसी ने पहले इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनमें मोबाइल फोन निर्माता कंपनी लावा इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक (एमडी) हरिओम राय, चीनी नागरिक गुआंगवेन उर्फ एंड्रयू कुआंग, चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन गर्ग और राजन मलिक शामिल हैं। ये चारों व्यक्ति फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने इन लोगों के खिलाफ हाल ही में दिल्ली की एक विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था जिसपर अदालत ने संज्ञान लिया है।

क्या है मामला

ईडी का आरोप है कि इन लोगों ने टैक्स बचाने के लिए कई शेल कंपनियां बनाईं और अवैध रूप से चीन पैसा भेजा। आरोप के अनुसार चीन को अवैध रूप से फंड ट्रांसफर करने के लिए भारत में कई कंपनियों का गठन किया गया। इसके अलावा, जांच से पता चला है कि वीवो मोबाइल्स इंडिया ने अपनी सेल्स से हुई आय का लगभग आधा हिस्सा (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए) चीन को ट्रांसफर किया। जिससे कि टैक्स बचाया जा सके।

TNN Business Desk
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