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Dollar Vs Rupee: आज रुपया 32 पैसे टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा, जानें 1 डॉलर का भाव?

रुपया सोमवार को दिन के कारोबार में 89.79 प्रति डॉलर तक गिरने के बाद 89.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 99.41 पर रहा। रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 32 पैसे टूटकर 89.85 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।

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रुपया बनाम डॉलर

Dollar Vs Rupee: भारतीय रुपये में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार निकासी के कारण रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 32 पैसे टूटकर 89.85 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। करेंसी एक्सपर्ट ने बताया कि कंपनियों, आयातकों और विदेशी निवेशकों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग ने रुपये पर दबाव डाला है। अंतरबैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.70 पर खुला। फिर 89.85 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 32 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

सोमवार को भी रुपये में आई थी बड़ी गिरावट

रुपया सोमवार को दिन के कारोबार में 89.79 प्रति डॉलर तक गिरने के बाद 89.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 99.41 पर रहा। घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 223.84 अंक या 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,418.06 अंक पर जबकि निफ्टी 59 अंक या 0.23 प्रतिशत की फिसलकर 26,116.75 अंक पर रहा। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.15 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,171.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

क्यों टूट रहा है रुपया?

करेंसी एक्सपर्ट का कहना है कि रुपये में गिरावट की कई वजह है। विदेशी निवेशक, भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकल रहे हैं। इसके अलावा भारत-US ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता है– जिसमें टैरिफ से जुड़े तनाव भी शामिल हैं। इन सभी ने मार्केट सेंटिमेंट पर असर डाला है। इसका असर भारतीय रुपये पर हो रहा है और भारतीय रुपया लगातार टूट रहा है। 3 नवंबर से अब तक रुपया US डॉलर के मुकाबले करीब 1 रुपया टूटा है। 2025 में रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे खराब परफॉर्म करने वाली करेंसी में से एक रहा है। 2025 में रुपये ने सिर्फ टर्किश लीरा और अर्जेंटीना पेसो से बेहतर परफॉर्म किया। जुलाई-सितंबर के लिए भारत की 8.2% साल-दर-साल GDP रीडिंग ने इक्विटी को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया और सोमवार को बॉन्ड यील्ड को भी बढ़ाया, लेकिन करेंसी पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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