हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रुपये की मजबूत शुरुआत हुई है। अमेरिकी डॉलर के सामने भारतीय करेंसी में अच्छी तेजी है। रुपया आज शुरुआती कारोबार में 31 पैसे की मजबूती के साथ 95.12 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले टालने के फैसले के बाद डॉलर के कमजोर होने से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के समर्थन से भी स्थानीय मुद्रा को मजबूती मिली।
पिछले हफ्ते भी रुपये में आया था बड़ा उछाल
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 95.15 पर खुला। बाद में 95.12 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 31 पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त में रहा और सात पैसे मजबूत होकर 95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
डॉलर इंडेक्स में गिरावट
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत टूटकर 99.74 पर रहा। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 470.06 अंक चढ़कर 78,564.70 अंक पर जबकि निफ्टी 150 अंक की बढ़त के साथ 24,532.95 अंक पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 5.0 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.66 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 277.48 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। जानकारों का कहना है कि रुपये में आने वाले दिनों में और तेजी देखने को मिल सकता है। ईरान युद्ध खत्म होने और कच्चा तेल में गिरावट से यह तेजी लौटेगी। इसका फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
