PSU Dividend Stocks: पर नजर रखने वाले निवेशकों को मार्च के दूसरे हिस्से में सरकारी कंपनियों में ज्यादा मौके नहीं मिल रहे हैं। 14 से 30 मार्च के बीच कॉर्पोरेट एक्शन कैलेंडर में ज्यादातर प्राइवेट कंपनियों का दबदबा है। PSU शेयरों में रिकॉर्ड डेट लगभग नदारद है, जिससे डिविडेंड रणनीति अपनाने वाले निवेशकों के विकल्प सीमित हो गए हैं।
PSU डिविडेंड का सूखा
मार्च के कॉर्पोरेट एक्शन कैलेंडर पर नजर डालें तो 14 मार्च से 30 मार्च के बीच किसी बड़े PSU स्टॉक की रिकॉर्ड डेट तय नहीं है। इस अवधि में जिन कंपनियों ने डिविडेंड या बोनस का ऐलान किया है, उनमें ज्यादातर निजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि सरकारी कंपनियों में डिविडेंड के अवसर मार्च के शुरुआती हिस्से में ही देखने को मिले और महीने के दूसरे हिस्से में निवेशकों के लिए ऐसे मौके लगभग खत्म हो गए हैं।
मार्च की शुरुआत बंपर मिले थे मौके
मार्च के पहले हिस्से में रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनियां निवेशकों को डिविडेंड का मौका दे चुकी हैं। Indian Railway Finance Corporation (IRFC) और RailTel Corporation ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इंटरिम डिविडेंड घोषित किया था। IRFC ने ₹1.05 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया, जबकि RailTel ने ₹1 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया था। दोनों कंपनियों ने 13 मार्च को रिकॉर्ड डेट तय की थी, इसलिए निवेशकों को इससे पहले शेयर खरीदने की जरूरत थी।
Oil PSU ने भी दिया डिविडेंड
तेल क्षेत्र की सरकारी कंपनी Indian Oil Corporation (IOC) ने भी मार्च में निवेशकों को डिविडेंड का मौका दिया। कंपनी ने ₹2 प्रति शेयर इंटरिम डिविडेंड घोषित किया और इसके लिए 12 मार्च को रिकॉर्ड डेट तय की थी। IOC उन PSU कंपनियों में शामिल है जो नियमित रूप से निवेशकों को डिविडेंड देती रही हैं और डिविडेंड निवेशकों के बीच इसकी खास लोकप्रियता है।
प्राइवेट कंपनियों का दबदबा
14 मार्च के बाद के कॉर्पोरेट एक्शन कैलेंडर में प्राइवेट कंपनियां हावी नजर आती हैं। इस अवधि में Metropolis Healthcare, Castrol India और DIC India जैसी कंपनियों ने डिविडेंड या बोनस का ऐलान किया है। यानी मार्च के दूसरे हिस्से में डिविडेंड या बोनस से जुड़ी गतिविधियों में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी बेहद सीमित दिखाई दे रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
डिविडेंड रणनीति अपनाने वाले निवेशकों के लिए यह स्थिति संकेत देती है कि मार्च के दूसरे हिस्से में PSU कंपनियों में नए मौके कम हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अगले कॉर्पोरेट एक्शन सीजन और वित्त वर्ष के अंतिम तिमाही में आने वाली घोषणाओं पर टिकी रह सकती है, जब कई कंपनियां डिविडेंड का ऐलान करती हैं।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
