Diffusion Engineers IPO: डिफ्यूजन इंजीनियर्स लिमिटेड 158 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ट IPO लॉन्च कर रहा है, जिसमें कुल 0.94 करोड़ नए शेयर ऑफर किए जाएंगे। बोली प्रक्रिया 26 सितंबर को शुरू हुई और 30 सितंबर 2024 को बंद होगी। आवंटन परिणाम अलॉटमेंट रिजल्ट 1 अक्टूबर को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, जबकि लिस्टिंग 4 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर होने की उम्मीद है।
डिफ्यूजन इंजीनियर्स IPO के शेयर प्राइस
आईपीओ के लिए मूल्य बैंड 159 रुपये से 168 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जिसमें न्यूनतम लॉट साइज 88 शेयर का है। जिसके लिए खुदरा निवेशकों को 14784 रुपये का निवेश करना होगा। क्लाइफाइड इंस्टिट्यूशनल खरीदार 18,71,000 शेयरों (19.89%) के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि गैर-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों को 14,03,250 शेयर (14.92%) आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 50,000 शेयर कर्मचारियों के लिए 8 रुपये प्रति शेयर की छूट पर आरक्षित हैं।
डिफ्यूजन इंजीनियर्स IPO की अनुमानित लिस्टिंग कीमत
आईपीओ के लिए लेटेस्ट ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 64 रुपये है, जिसकी अनुमानित लिस्टिंग कीमत 232 रुपये है, जो 38.10% की संभावित बढ़त दर्शाता है। जो लोग अपने अलॉटमेंट की स्थिति की जांच करना चाहते हैं, उनके लिए जानकारी 1 अक्टूबर, 2024 से उपलब्ध होगी। डिफ्यूजन इंजीनियर्स आईपीओ आवंटन की स्थिति इस समय उपलब्ध नहीं है और अंतिम रूप दिए जाने पर उपलब्ध होगी। निवेशक निर्दिष्ट प्लेटफॉर्म पर अपना पैन नंबर, आवेदन संख्या या डीपी क्लाइंट आईडी दर्ज करके अपने अलॉटमेंट को वेरिफाई कर सकते हैं। आवंटन सुरक्षित होने पर आपको अपने डीमैट खाते में बराबर शेयरों का क्रेडिट प्राप्त होगा।
इन प्रोडक्ट्स का निर्माण करती है डिफ्यूजन इंजीनियर्स
1982 में स्थापित डिफ्यूजन इंजीनियर्स कोर इंडस्ट्री के लिए वेल्डिंग कंज्यूमेबल सामग्रियों और भारी मशीनरी के निर्माण में माहिर है। कंपनी की नागपुर में चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जो वेल्डिंग इलेक्ट्रोड और वियर प्लेट सहित कई तरह के प्रोडक्ट बनाती हैं। डिफ्यूजन इंजीनियर्स ने 31 मार्च 2024 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व में 10% की वृद्धि और टैक्स के बाद लाभ में 39% की वृद्धि की जानकारी दी।
जुटाई गई धनराशि यहां होगा होगा खर्च
जुटाई गई धनराशि का उपयोग महाराष्ट्र के खसरा में मौजूदा विनिर्माण सुविधा के विस्तार, महाराष्ट्र के सोनेगांव जिले के हिंगना में MIDC में एक नई (प्रस्तावित) मैंन्युफैक्चरिंग फैसलिटी की स्थापना, वर्किंग कैपिटल जरुरतों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए पूंजीगत व्यय जरुरतों के फाइनेंसिंग के लिए किया जाएगा।
(डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।)
