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Dhanteras 2025: गोल्ड SIP करें शुरू, जानें स्मार्ट निवेश का आसान तरीका

Gold SIP on Dhanteras 2025: धनतेरस पर सोना खरीदना, गोल्ड SIP एक अनुशासित निवेश तरीका है जो नियमित रूप से सोने में निवेश करके भविष्य में संपत्ति निर्माण में मदद करता है। यह लॉन्ग टर्म निवेश योजना आपको धीरे-धीरे संपत्ति जुटाने और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होती है, जिससे भविष्य की जरूरतें पूरी होती हैं।

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गोल्ड में करें एसआईपी (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Gold SIP On Dhanteras 2025 : धनतेरस पर सोना खरीदना,सालाना गोल्ड SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) निवेस का एक अनुशासित तरीका है जो भविष्य में संपत्ति की जरुरतों को पूरा करता है और लॉन टर्म संपत्ति निर्माण में सहायक होता है। इस तरह की सालाना निवेश की आदत से सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का औसतन प्रभाव होता है और यह हमारे सांस्कृतिक निवेश लक्ष्यों के अनुरूप भी होता है। मान लीजिए अगर किसी व्यक्ति ने साल 2020 से प्रत्येक धनतेरस पर सिर्फ 10 ग्राम सोना खरीदा होता, तो आज उसकी कुल वैल्यू 6,33,250 रुपये होती, जबकि कुल निवेश सिर्फ 2,86,730 रुपये होता यानी संपत्ति 2.2 गुना बढ़ चुकी होती। वहीं अगर किसी ने साल 2005 से हर धनतेरस पर 1 लाख रुपये का सोना खरीदा होता तो आज तक उसका कुल निवेश 20 लाख रुपये होता और उसके पास 950 ग्राम सोना होता जिसका वर्तमान वैल्यू 1.08 करोड़ रुपये होता।

सोने की बढ़ती कीमतें

नवंबर 2022 से अक्टूबर 2025 तक, सोने की घरेलू कीमतें ₹50,441 से बढ़कर ₹ 1,34,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं यानी 158% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान वैश्विक अस्थिरता बढ़ने से चीन, भारत और तुर्की जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड स्तर पर सोना खरीदा। इससे यह स्पष्ट है कि अब डॉलर से हटकर सोने को केंद्रीय भंडार के रूप में अपनाया जा रहा है।

सोने की खरीदारी में बदलाव

धनतेरस और दिवाली पर गहने और सिक्के पारंपरिक रूप से सबसे ज्यादा बिकते हैं, लेकिन अब गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ICRA Analytics से वरिष्ठ उपाध्यक्ष आश्विनी कुमार ने बताया कि डायवर्सिफिकेशन, मुद्रास्फीति से सुरक्षा और टैक्स लाभ चाहने वाले निवेशकों के लिए गोल्ड ETF एक अच्छा विकल्प है। गोल्ड ETF में लिक्विडिटी, पारदर्शिता, कम लागत और आसान ट्रेडिंग की सुविधा होती है।

नई पीढ़ी और सोने पर नजरिया

मिलेनियल्स और Gen Z अब सोने को पारंपरिक सामाजिक प्रतीक के बजाय एक वित्तीय साधन मानते हैं। वे डिजिटल विकल्पों जैसे SGBs, ETF और डिजिटल गोल्ड को पसंद करते हैं। जो सुविधाजनक, पारदर्शी और छोटी राशि में निवेश योग्य होते हैं।

भौतिक सोना (Physical Gold)

भौतिक सोना देखा जा सकता है, पहना जा सकता है और पीढ़ियों तक चलने वाली विरासत बन सकता है। लेकिन इसमें मेकिंग चार्ज, हॉलमार्किंग चार्ज जैसे अतिरिक्त खर्च होते हैं। बेचते समय भी मेकिंग चार्ज कट हो जाता है जिससे वास्तविक मूल्य घटता है। आज लोग भारी गहनों के बजाय हल्के और कम कैरेट वाले डिजाइन पसंद कर रहे हैं ताकि परंपरा और किफायत का संतुलन बना रहे।

हर साल थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सोना खरीदते हुए हर धनतेरस पर एक छोटी निवेश की आदत समय के साथ न केवल एक स्थिर निवेश साबित होती है बल्कि परंपरा, अनुशासन और वित्तीय समझ का प्रतीक भी बन जाती है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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