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महंगा होने के बावजूद लोगों ने धनतेरस पर जमकर खरीदा सोना, इतने करोड़ों कर डाले खर्च

इस धनतेरस भारतीयों ने परंपरा और निवेश दोनों का संगम दिखाया। रिकॉर्ड तोड़ कीमतों के बावजूद देशभर में सर्राफा बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई शुभ मुहूर्त पर सोना-चांदी खरीदने को बेताब दिखा नतीजा ये रहा कि धनतेरस की बिक्री ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।

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सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद इस धनतेरस देशभर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। महंगाई भी भारतीयों की परंपरा और उत्साह को नहीं रोक पाई। देशभर के बाजारों में भीड़ उमड़ी रही और सर्राफा व्यापारियों की बिक्री के आंकड़े पिछले सालों के सारे रिकॉर्ड तोड़ गए।

प्रमुख व्यापारी संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार, इस बार धनतेरस पर ग्राहकों ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की। इसमें से अकेले 60,000 करोड़ रुपये की बिक्री सिर्फ सोने और चांदी की रही जो पिछले साल की तुलना में लगभग 25% ज्यादा है।

एक साल में इतना महंगा हुआ सोना

इस साल सोने की कीमतें सालाना आधार पर करीब 60% बढ़कर ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गईं, जबकि चांदी की दरें भी ₹1,80,000 प्रति किलो तक जा पहुंचीं। इसके बावजूद लोगों ने जमकर सोना-चांदी खरीदा और ज्वेलरी मार्केट्स में लंबी कतारें लगी रहीं।

CAIT के मुताबिक, देशभर के ज्वेलरी बाजारों में पिछले दो दिनों में रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली। सिर्फ दिल्ली के सर्राफा बाजारों में ही लगभग ₹10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री दर्ज की गई। राजधानी के करोलबाग, चांदनी चौक और लाजपत नगर जैसे प्रमुख बाजारों में शुक्रवार शाम से ही ग्राहक उमड़ पड़े थे।

सोने-चांदी के अलावा अन्य चीजों की खरीदारी भी जोरदार रही। व्यापारी निकाय के अनुसार, बर्तनों और किचन आइटम्स की बिक्री से ₹15,000 करोड़, इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली के सामानों से ₹10,000 करोड़, और सजावटी व धार्मिक वस्तुओं से ₹3,000 करोड़ का कारोबार हुआ।

रिकॉर्ड खरीदारी

कार्तिक महीने की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस, दिवाली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत माना जाता है। इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।

पिछले साल की तुलना में इस बार का त्योहार अधिक रौनकभरा रहा। 2023 में धनतेरस के दिन करीब ₹20,000 करोड़ के सोने की बिक्री हुई थी और त्योहारों की कुल खुदरा बिक्री लगभग ₹60,000 करोड़ के आसपास रही थी। इस बार के आंकड़े दिखाते हैं कि कीमतें बढ़ने के बावजूद लोगों का झुकाव सोने और चांदी जैसे पारंपरिक निवेश की ओर और बढ़ गया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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