ET NOW Leadership Dialogues 2024: ईटी नाउ लीडरशिप डायलॉग्स 2024 में ईटी नाउ की 15वीं वर्षगांठ सेलिब्रेशन के दौरान टाइम्स ग्रुप के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर और ग्रुप के सीईओ (नन पब्लिशिंग) एन सुब्रमण्यन ने कहा कि ईटी नाउ राष्ट्र निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है और फाइनेंशियल लिटरेसी और सही जानकारी देने का एक प्रकाश स्तंभ रहा है। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि आदरणीय RBI गवर्नर शक्तिकांत दास, दिनेश खारा, आशीष कुमार चौहान, उत्पल शेठ, मनीष चोखानी, पुनीत छतवाल, सुनील डिसूजा, सहकर्मियों और मेरे प्यारे दोस्तों। ईटी नाउ लीडरशिप डायलॉग्स 2024 में आप सभी का स्वागत करना हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है क्योंकि हम एक रिमार्केबल मील का पत्थर ईटी नाउ की 15वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
ET NOW के 3 पिलर- इंटेग्रिटी, इनोवेशन और इंटेलिजेंसी
उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल चैनल का जश्न मनाने का है, बल्कि टाइम्स नेटवर्क के विजन, डिडेकेशन और एक्सीलेंस का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ET NOW तीन पिलर पर खड़ा है: इंटेग्रिटी, इनोवेशन और इंटेलिजेंसी। और डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से ईटी नाउ देश की इकोनॉमिक नैरेटिव में सबसे आगे रहा है, बेजोड़ अंतर्दृष्टि, व्यापक कवरेज और डायलॉग के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता रहा है जो राष्ट्र निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
भारत का इकोनॉमिक ट्रांफॉर्मेशन
उन्होंने कहा कि सिर्फ एक दशक से भी कम समय में भारत तथाकथित नाज़ुक 5 से दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। आज देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जिसकी जीडीपी करीब 4 ट्रिलियन डॉलर है। पिछले 15 वर्षों में ग्लोबल संकटों के हर प्रकरण के बाद भारत हमेशा मजबूत होकर उभरा है। हमारा देश आज एक नए चरण की शुरुआत कर रहा है। एक ऐसा युग जो उल्लेखनीय विकास, इनोवेशन और अवसरों की विशेषता रखता है। हालांकि हमारे पास अपनी समस्याएं हैं लेकिन हमारे पास इन समस्याओं को हल करने की क्षमता और दृढ़ संकल्प भी है। हमारे देश का आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है और भविष्य में विकास की संभावनाएं बहुत ज्यादा हैं।
भारतीय शेयर बाजार में ग्रोथ
आइए भारतीय शेयर बाजारों पर नजर डालें। पिछले 10 वर्षों में हमने खुदरा निवेशकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। डीमैट अकाउंट्स की संख्या 2.3 करोड़ से बढ़कर 15 करोड़ से अधिक हो गई है। मासिक एसआईपी प्रवाह 3,500 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 21,000 करोड़ रुपये हो गया है।
10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का विजन
एक राष्ट्र तौर पर हमारे पास यह मानने के लिए कई वजहें हैं कि हम इस दशक के अंत तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी का पूर्ण विकसित भारत का विजन इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर सुधारों पर जोर देता है। इन सुधारों में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए परियोजनाओं में महत्वपूर्ण निवेश के जरिये बुनियादी ढांचे का विकास, दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल इंडिया, हमारे डिमोग्राफिक डिविडेंड की क्षमता को उजागर करने के लिए स्किल डेवेलपमेंट, आयात पर निर्भरता कम करने और अधिक नौकरियां पैदा करने के लिए मेक इन इंडिया और देश में लॉन्ग टर्म पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए हरित ऊर्जा शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आज आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का हमारे साथ होना हमारे लिए बेहद सम्मान की बात है। आरबीआई गवर्नर के रूप में उनका कार्यकाल स्थिरता, महत्वपूर्ण सुधारों के कार्यान्वयन और भुगतान लेनदेन में वर्ल्ड लीडिंग इनोवेशन के लिए जाना जाता है। उन्होंने केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) पहल का नेतृत्व किया और यूपीआई को सिंगापुर के PayNow से जोड़ा। वित्तीय स्थिरता और इनोवेशन में उनके नेतृत्व और योगदान को मान्यता देते हुए गवर्नर दास को ग्लोबल सेंट्रल बैंकिंग अवार्ड्स 2023 में 'गवर्नर ऑफ द ईयर' से सम्मानित किया गया। साथ ही पिछले हफ्ते आरबीआई को जोखिम संस्कृति और जागरूकता में सुधार के लिए 'रिस्क मैनेजर ऑफ द ईयर' का पुरस्कार मिला।
टाइम्स नेटवर्क
लीडिंग मीडिया कंपनी के रूप में टाइम्स नेटवर्क ने हमेशा घटनाओं को लिखने वाले इतिहासकार से कहीं बढ़कर होने पर गर्व किया है। हम भारत के विकास की कहानी में एक्टिव भागीदार हैं। ईटी नाउ वित्तीय साक्षरता और आर्थिक अंतर्दृष्टि का एक प्रकाश स्तंभ रहा है, जिसने लाखों भारतीयों को इंफॉर्मेटिव फानेंशियल डिसीजन लेने और राष्ट्रव्यापी आर्थिक समृद्धि के व्यापक लक्ष्य में योगदान देने के लिए सशक्त बनाया है।
नैरेटिव को प्रोएक्टिवली आकार देना
भविष्य को देखते हुए हम न केवल देश के विकास पर नजर रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि एक्टिव रूप से नैरेटिव को आकार देने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। हमारे गहन विश्लेषण, एक्सपर्ट इंटरव्यू और ग्राउंड-ब्रेकिंग रिपोर्ट के जरिये हमारा लक्ष्य अपने दर्शकों को भविष्य की एक स्पष्ट दृष्टि प्रदान करना है। फाइनेंशियल पत्रकारिता का सार बाजार में उतार-चढ़ाव और आर्थिक रुझानों की अराजकता के बावजूद स्पष्टता प्रदान करने की इसकी क्षमता में निहित है। हम अवसरों को उजागर करना, चुनौतियों का विश्लेषण करना और आर्थिक व भू-राजनीतिक रूप से भारत की एक मजबूत राष्ट्र बनने की यात्रा को आकार देने वाली सफलताओं का जश्न मनाना जारी रखेंगे।
ईटी नाउ की 15वीं वर्षगांठ पर ईटी नाउ लीडरशिप डायलॉग्स 2024
ईटी नाउ ने अपनी 15वीं वर्षगांठ पर 'ईटी नाउ लीडरशिप डायलॉग्स 2024' की मेजबानी किया, जो एक अनूठी पहल है। जिसमें इंडस्ट्री, पॉलिसी चैंपियन और इकोनोमिक एक्सपर्ट्स की अग्रणी आवाजों को एक साथ लाया गया ताकि भारत के लिए आगे की राह पर विचार-विमर्श और रूपरेखा तैयार की जा सके। 'India@2030' की थीम के साथ, शिखर सम्मेलन में प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ने 'India@2030' के लिए अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। इसमें भारत को एक मजबूत और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाने के लिए इकोनॉमिक पॉलिसी, फाइनेंशियल रेगुलेशन और जरूरी रणनीतिक पहल के महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया।
