दिल्ली में हर महीने 2,500 की आर्थिक सहायता का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 28 जुलाई को बहुप्रतीक्षित 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू कर दी जाएगी, जिसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया जा रहा है।
कब आएगी पहली क़िस्त?
मुख्यमंत्री ने दिल्ली की महिलाओं को रक्षा बंधन का तोहफा देते हुए घोषणा की है कि योजना की पहली किस्त 28 अगस्त यानी रक्षा बंधन के दिन पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए ₹5,100 करोड़ का बजट पारित किया गया था, और अब दिशा-निर्देश तैयार होने के साथ ही इसे धरातल पर उतारा जा रहा है।
योजना में आवेदन करने के लिए सरकार ने कुछ स्पष्ट पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं ताकि इसका लाभ केवल जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुंचे। इस योजना के लिए वही महिलाएं पात्र होंगी, जिनके पूरे परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम है। इसके अलावा, आवेदक महिला को कम से कम पिछले 10 वर्षों से दिल्ली का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, आवेदन करने वाली महिला के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। इस योजना के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसे 1 अगस्त से खुलने वाले ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरा किया जा सकेगा।
कौन कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं के पास कुछ महत्वपूर्ण पहचान और आय से जुड़े दस्तावेजों का होना आवश्यक है।
- आवेदन के दौरान दिल्ली का पता दर्शाने वाला पहचान पत्र
- वार्षिक आय साबित करने के लिए आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)
- राशन कार्ड
- आवेदक महिला का पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक अकाउंट पासबुक
- बैंक खाते का सही विवरण और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए सक्रिय होना अनिवार्य है
