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Delhi Lakshmi Yojana: 3 बच्चे हैं तो इन महिलाओं को हर महीने नहीं मिलेंगे 2,500 रुपये! जानें और क्या-क्या हैं नियम

दिल्ली सरकार की महिला सम्मान (लक्ष्मी) योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, कई शर्तों के कारण लाखों महिलाएं इस योजना से बाहर हो सकती हैं।

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3 बच्चे हैं तो इन महिलाओं को हर महीने नहीं मिलेंगे 2,500 रुपये!

दिल्ली सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (Delhi Lakshmi Yojana) को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल 1 अगस्त से शुरू होने जा रहा है और सरकार की योजना रक्षाबंधन के अवसर पर पात्र लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त जारी करने की है। हालांकि, यह राशि दिल्ली की हर महिला को नहीं मिलेगी, क्योंकि सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए कई सख्त मापदंड और 'नो-लिस्ट' (Exclusions) तय किए हैं।

योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच है, वे कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की स्थायी निवासी हैं, और उनके परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं है। इसके अतिरिक्त, एक परिवार से केवल एक ही महिला इस योजना के लिए आवेदन कर सकती है, और यदि किसी घर में एक से अधिक पात्र महिलाएं हैं, तो सबसे अधिक उम्र वाली महिला को प्राथमिकता दी जाएगी।

इन महिलाओं को नहीं मिलेंगे 2500 रुपए

सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों के अनुसार कई परिवार इस योजना से सीधे तौर पर बाहर हो जाएंगे। जिन महिलाओं के तीन से अधिक जीवित बच्चे हैं, वे इस योजना के लिए पूरी तरह से अपात्र मानी जाएंगी। इसके साथ ही, यदि किसी परिवार की सालाना बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, या परिवार का कोई भी सदस्य आयकर (Income Tax) भरता है या सरकारी नौकरी में है, तो उन्हें इस वित्तीय सहायता का लाभ नहीं मिलेगा। चार पहिया वाहन (4-Wheeler) के मालिकों, किसी भी प्रकार की पेंशन या अन्य सरकारी सहायता प्राप्त करने वाली महिलाओं, तथा आपराधिक रिकॉर्ड वाले परिवारों के आवेदनों को भी सीधे खारिज कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इस योजना की आर्थिक मदद केवल बेहद जरूरतमंद और निम्न-आय वर्ग की महिलाओं तक ही पहुंचे।

कैसे और कब आएंगे पैसे?

भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दो विकल्प दिए हैं। पहले विकल्प के तहत हर महीने ₹1,500 रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा किए जाएंगे और शेष ₹1,000 डिजिटल रुपया (CBDC) वॉलेट में दिए जाएंगे, जिसका उपयोग केवल तय वस्तुओं व सेवाओं के लिए किया जा सकेगा। दूसरे विकल्प में महिलाएं पूरी ₹2,500 की राशि सीधे अपने RD या FD खाते में जमा कराने का चुनाव कर सकती हैं। इन RD खातों पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा, जिसके बाद पूरी जमा राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹5,110 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे लगभग 17 लाख महिलाओं को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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