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DA Hike: इस राज्य के कर्मचारियों का 3% बढ़ा महंगाई भत्ता, ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाकर हुई इतनी

DA Hike: गुजरात सरकार ने अपने 9 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। साथ कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी (Gratuity) राशि की अधिकतम सीमा भी बढ़ा दी।

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गुजरात में बढ़ा डीए और डीआर (तस्वीर-Canva)

DA Hike: गुजरात सरकार ने बुधवार को अपने करीब 9 लाख कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) और पेंशनभोगियों के महंगाई राहत (Dearness Relief) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे मूल वेतन का 53 प्रतिशत करने की घोषणा की। यह फैसला पिछली तारीख 1 जुलाई 2024 से लागू होगा। इसके साथ ही राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी राशि की अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी।

DA हुआ मूल वेतन का 53 प्रतिशत

वित्त विभाग ने गुजरात राज्य सेवा (वेतन संशोधन) नियम 2016 के तहत डीए को मौजूदा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर मूल वेतन का 53 प्रतिशत करने का प्रस्ताव जारी किया। जुलाई से नवंबर की अवधि का बकाया दिसंबर के वेतन और पेंशन के साथ जनवरी 2025 में दिया जाएगा।

ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाकर हुई 25 लाख रुपये

गुजरात सरकार ने बुधवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी राशि की अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के व्यापक हित में लिया है।

अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हुई ग्रेच्युटी

ताजा फैसले के बाद वे 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पाने के हकदार हैं। यह राशि अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो गई है। ग्रेच्युटी राशि में बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर हर साल 53.13 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

पहले मिलती थी इतनी ग्रेच्युटी

कर्मचारियों को इस समय रिटायरमेंट के समय 20 लाख रुपये की अधिकतम सीमा के भीतर रिटायरमेंट और मृत्यु उपरांत ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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