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Cyber ​​Fraud: साइबर धोखाधड़ी से हुई 21367 करोड़ रुपये तक की ठगी, जानें कैसे बढ़ रहे मामले!

Digital Fraud: आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि हो रही है। रिपोर्ट में लोगों को जागरूक करने और धोखाधड़ी के इरादे से खोले गए खातों की पहचान करने के प्रयासों में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

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साइबर धोखाधड़ी

Photo : iStock

Bank Fraud: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी हालिया वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा है कि बढ़ते डिजिटल लेनदेन के बीच साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह धोखाधड़ी नए-नए तरीकों से हो रही है, जो लोगों को वित्तीय और भावनात्मक नुकसान पहुंचा रही हैं। इसलिए, लोगों में साइबर धोखाधड़ी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और धोखाधड़ी करने के इरादे से खोले गए खातों की पहचान में तेजी लाने की आवश्यकता है।

धोखाधड़ी के मामलों में भारी वृद्धि

आरबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में बैंक धोखाधड़ी के मामलों की संख्या 18,461 तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में बढ़ी है। इस दौरान धोखाधड़ी से जुड़ी राशि 21,367 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह राशि 2,623 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रकार की धोखाधड़ी वित्तीय नुकसान के साथ-साथ ग्राहकों के लिए भावनात्मक समस्याएं भी उत्पन्न कर रही हैं।

फर्जीवाड़े के इरादे से खोले गए खातों की पहचान में तेज़ी

रिपोर्ट में विशेष रूप से 'म्यूल अकाउंट्स' (धोखाधड़ी करने के इरादे से खोले गए खाते) के बारे में चिंता व्यक्त की गई है। आरबीआई ने विनियमित संस्थाओं को सलाह दी है कि वे इन धोखाधड़ी खातों की पहचान करने के लिए और तेज़ी से कदम उठाएं। इसके साथ ही आम जनता को भी ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए अधिक जागरूक करना बेहद जरूरी है।

साइबर सुरक्षा में सुधार के प्रयास

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए वित्तीय संस्थानों और बाजारों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं। इसके अलावा, धोखाधड़ी की रोकथाम और ग्राहकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।

नियामक पहल का महत्व

वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नियामक संस्थाओं ने वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा और मजबूती को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत, नए वित्तीय माहौल के अनुसार सतर्कता बनाए रखते हुए, जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।

(भाषा इनपुट के साथ)

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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