Crude Prices Are Going Up :कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर उबाल शुरू हो गया है। सऊदी अरब और रूस द्वारा उत्पादन में कटौती से कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। पिछले तीन हफ्तों से जारी कटौती की वजह से ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। और आगे इसके एक बार फिर से 100 डॉलर का आंकड़ा छूने की आशंका बढ़ गई है। इसके पहले रूस और सऊदी अरब ने मिलकर प्रति दिन 13 लाख बैरल की आपूर्ति कटौती को बढ़ा दिया है। और यह कटौती इस साल के अंत तक जारी रहेही। जिसका असर अब तेजी से दिखने लगा है। अगर ऐसी ही तेजी बन रही तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना कम हो जाएगी।
सऊदी अरब से लेकर अमेरिका तक कटौती
सऊदी अरब और रूस द्वारा कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के अलावा अमेरिका में भी शेल ने उत्पादन में कमी कर दी है। इसकी वजह से यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर 1 फीसदी बढ़कर 92.38 डॉलर पर पहुंच गया। शेल-उत्पादक क्षेत्रों में कटौती के कारण अमेरिकी तेल उत्पादन गिरकर हर 93.93 लाख बैरल पर आ हया । ये स्तर मई 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इसके उत्पादन में लगातार तीन महीने तक गिरावट रहेगी। जो पिछले10 महीने के उच्चतम स्तर के करीब है। इसी तरह ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 94.70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं।
लंबा होगा इंतजार
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल में कटौती का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें पिछले कुछ महीनों से 90 डॉलर प्रति बैरल से कम होने से ऐसी संभावना बन गईं थी कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आएगी। लेकिन अब जिस तरह कीमतें बढ़ रही हैं। उसे देखते हुए अभी इसकी संभावना कम हो गई है। आखिरी बार मई 2022 में पेट्रोल-डीजलों की कीमतों में कटौती हुई थी।
