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Nepal Flash Flood: नेपाल में तबाही से पहले टूटा था ग्लेशियर, ड्रोन कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर; देखें वीडियो

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड से पहले ग्लेशियर और चट्टानों के टूटने का खौफनाक मंजर ड्रोन कैमरे में कैद हुआ है। लांगटांग लिरुंग चोटी के पास हुई इस घटना में भारी मात्रा में बर्फ, चट्टान और मलबा करीब 1,200 मीटर नीचे घाटी में गिरा, जिसके बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ गया। इस आपदा में अब तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4,247 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

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ड्रोन कैमरे में ग्लेशियर और चट्टानों के टूटकर पहाड़ से नीचे गिरने का पूरा मंजर कैद हुआ है। @Rainmaker1973

Nepal Flash Flood: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। एक चीनी फोटोग्राफर के ड्रोन कैमरे में ग्लेशियर और चट्टानों के टूटकर पहाड़ से नीचे गिरने का पूरा मंजर कैद हो गया। यह घटना लांगटांग लिरुंग चोटी के पास हुई, जो समुद्र तल से 7,200 मीटर से ज्यादा ऊंची है।

वीडियो में पहाड़ की ढलान से बर्फ और भारी चट्टानों का विशाल हिस्सा अचानक टूटता दिखाई देता है। इसके बाद पहाड़ से धूल का बड़ा गुबार उठता है। बर्फ, चट्टान, मिट्टी और मलबे का यह विशाल सैलाब करीब 1,200 मीटर नीचे घाटी में जा गिरा। इसके बाद मलबे और पानी की तेज धार ने निचले इलाकों में तबाही मचा दी। इसने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के जलस्तर को अचानक बढ़ा दिया और देखते ही देखते फ्लैश फ्लड ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।

26 अगस्त को मची थी भीषण तबाही

26 अगस्त को नेपाल और तिब्बत में आई इस आपदा में अब तक 903 लोगों की नेपाल में और 16 लोगों की तिब्बत में मौत की रिपोर्ट है। वहीं, 4,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें ज्यादातर नेपाल के लोग हैं।

इस तबाही ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों की बढ़ती अस्थिरता और ग्लेशियर से जुड़ी आपदाओं के खतरे को सामने ला दिया है। वैज्ञानिक पहले भी चेतावनी देते रहे हैं कि तापमान बढ़ने से हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ और चट्टानों की स्थिरता प्रभावित हो रही है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

सिर्फ नेपाल ही नहीं, हिमालय और दूसरे पर्वतीय क्षेत्रों में ग्लेशियर या चट्टान टूटने से बड़े हादसे हो चुके हैं। 2021 में उत्तराखंड में रोंती पीक से भारी मात्रा में चट्टान और बर्फ नीचे गिरी थी, जबकि 2023 में सिक्किम में साउथ लोनाक झील से जुड़ी घटना ने बड़े पैमाने पर बाढ़ पैदा की थी। बता दें कि खबर लिखे जाने तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 4,247 लोग अभी लापता हैं। इस बीच बाढ़ को लेकर अब नई वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने आई है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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