बिजनेस

Crude के दाम होंगे धड़ाम! Trump का बड़ा बयान, कहा- ''चाहे जो करना पड़े, करेंगे''

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रूड ऑयल के दाम और अमेरिका सहित दुनियाभर में बढ़ रही महंगाई पर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि जल्द की क्रूड के दाम कम होंगे।

Image

क्रूड ऑयल में दाम जल्द घटेंगे

Iran युद्ध, रूस पर प्रतिबंध और आसमान छूते क्रूड ऑयल प्राइस के बीच Donald Trump ने बड़ा संकेत दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि तेल कीमतों को काबू में रखने के लिए अमेरिका “जो जरूरी होगा करेगा।” इससे रूस के तेल पर जारी अमेरिकी राहत बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच ट्रंप के बयान ने वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ा दी है। Trump ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका रूस के तेल पर लगी पाबंदियों में राहत जारी रख सकता है, ताकि ग्लोबल सप्लाई बनी रहे और तेल की कीमतें काबू में रहें।

धड़ाम होंगे क्रूड के दाम

ट्रंप ने क्रूड के दाम काबू रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने Trump ने कहा कि अमेरिका तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए “जो भी जरूरी होगा” वह करेगा। उन्होंने दावा किया कि Iran संघर्ष खत्म होते ही बाजार में तेल की बाढ़ आ जाएगी और महंगाई तेजी से नीचे आएगी। Trump के मुताबिक अभी दुनिया भर में सैकड़ों जहाज तेल लेकर खड़े हैं जो सप्लाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

रूस के तेल पर अमेरिकी छूट क्यों बनी बड़ी खबर?

अमेरिका ने मार्च 2026 में रूस के तेल पर कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी थी क्योंकि Strait of Hormuz संकट के चलते ग्लोबल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। यह राहत पहले 11 अप्रैल तक थी, जिसे बाद में 16 मई तक बढ़ा दिया गया। इस फैसले से भारत जैसे देशों को रियायती रूसी तेल खरीदने में मदद मिली।

क्रूड 105 डॉलर के पार क्रूड

Iran तनाव और Hormuz संकट के चलते Brent crude कई बार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई को लेकर डर बना हुआ है। Reuters और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक Middle East संकट के कारण तेल बाजार में भारी अस्थिरता देखी जा रही है।

Trump का दावा- ‘महंगाई 1.5% तक आ जाएगी’

Trump ने Joe Biden प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अमेरिका ने सबसे ज्यादा महंगाई देखी थी। उन्होंने दावा किया कि युद्ध खत्म होते ही अमेरिका में inflation 1.5% तक गिर सकती है। साथ ही उन्होंने इसे “Golden Age of America” की शुरुआत बताया।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और उसकी बड़ी जरूरतें रूसी तेल से पूरी हो रही हैं। अमेरिकी waiver बढ़ने से भारत को फिलहाल राहत मिल सकती है। इससे घरेलू ईंधन कीमतों और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम रहने की उम्मीद है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article