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31 मार्च 2026 की डेडलाइन: भारी पेनल्टी से बचना है तो आज ही निपटा लें ये 6 जरूरी फाइनेंशियल काम

31 March 2026 Deadline: वित्त वर्ष खत्म होने से पहले टैक्स से जुड़े कुछ जरूरी कामों को समय पर पूरा करना बहुत जरूरी है। सही समय पर की गई टैक्स प्लानिंग न सिर्फ टैक्स बचाने में मदद करती है, बल्कि भविष्य में लगने वाले ब्याज और पेनल्टी से भी बचाती है।

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31 मार्च 2026 से पहले निपटा लें ये जरूरी काम (Photo: iStock)

31 March 2026 Deadline: वित्त वर्ष 2025–26 खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी है कि वे 31 मार्च 2026 से पहले कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय काम पूरे कर लें, ताकि टैक्स बचत का फायदा मिल सके और किसी तरह की पेनल्टी भी न लगे। इस आर्टिकल में उन 6 जरूरी कामों को लेकर ही जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें समय पर पूरा नहीं किया गया तो अतिरिक्त टैक्स या ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है-

टैक्स बचाने वाले निवेश

जिन लोगों ने पुराने टैक्स सिस्टम को चुना है, उन्हें टैक्स बचाने वाले निवेश पूरे करने चाहिए। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80C के तहत कई निवेश विकल्पों पर टैक्स छूट मिलती है। इसमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं में निवेश करने से टैक्स योग्य आय कम की जा सकती है और टैक्स बचाया जा सकता है।

निवेश के प्रमाण

नौकरीपेशा लोगों के लिए निवेश के प्रमाण (Investment Proof) जमा करना भी जरूरी है। अगर किसी कर्मचारी ने साल की शुरुआत में टैक्स बचाने वाले निवेश का दावा किया था, तो उसे अपने नियोक्ता को उससे जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो कंपनी सैलरी से ज्यादा TDS (Tax Deducted at Source) काट सकती है।

एडवांस टैक्स

कुछ लोगों को एडवांस टैक्स भी देना होता है। अगर किसी व्यक्ति की आय पर एडवांस टैक्स लागू होता है और वह समय पर इसका भुगतान नहीं करता, तो बाद में उस पर ब्याज या पेनल्टी लग सकती है। इसलिए जिन लोगों पर यह लागू होता है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर टैक्स का भुगतान करना चाहिए। असेस्मेंट ईयर 2026–27 के लिए एडवांस टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख 15 मार्च 2026 है। अगर यह समय सीमा चूक जाती है, तो आयकर नियमों के तहत ब्याज और जुर्माना लग सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर कटौती का दावा किया जा सकता है, जिससे टैक्स देनदारी कम हो सकती है। सेक्शन 80D के अंतर्गत आप अपने और अपने परिवार के लिए 25,000 रुपए तक की कटौती** का लाभ ले सकते हैं। अगर बीमित व्यक्ति की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो यह सीमा 50,000 रुपए तक हो जाती है।

होम लोन का ब्याज

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 24(b) के तहत घर के मालिकों को अपने स्व-आवासित (Self-occupied) मकान पर दिए गए होम लोन के ब्याज पर टैक्स में छूट मिलती है। इस धारा के अनुसार, करदाता अपने होम लोन के ब्याज भुगतान पर अधिकतम 2 लाख रुपए तक की कटौती का दावा कर सकते हैं।

अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न

इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) भी दाखिल किया जा सकता है। अगर किसी करदाता से पहले के रिटर्न में कोई गलती हो गई थी, तो उसे सुधारने का मौका मिलता है। इसके लिए भी 31 मार्च 2026 तक की समय सीमा दी गई है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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