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क्रेडिट स्कोर गलत है? जानें सही तरीके से शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया

किसी भी इंसान का क्रेडिट स्कोर उसके रिपोर्ट कार्ड की तरह होता है। भारत में चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो काम करते हैं CIBIL, Experian, CRIF High Mark और Equifax। ये हर 15 दिन में आपका डेटा अपडेट करते हैं। इसके बावजूद रिपोर्ट में टाइपिंग मिस्टेक, पुराने रिकॉर्ड या डुप्लीकेट एंट्री जैसी गड़बड़ियां हो सकती हैं।

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क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर आपकी फाइनेंशियल सेहत का रिपोर्ट कार्ड होता है। यह तीन अंकों की संख्या (300 से 900 के बीच) होती है, जो बताती है कि आपने अब तक लिए गए लोन और क्रेडिट कार्ड का पैसा कितनी ईमानदारी से चुकाया है। स्कोर जितना अच्छा होगा, लोन मंजूरी उतनी ही जल्दी और आसान होगी। इतना ही नहीं, अच्छा स्कोर होने पर बैंक कम ब्याज दर पर भी लोन ऑफर करते हैं।

क्रेडिट स्कोर कैसे होता है बर्बाद

लेकिन कई बार छोटी-सी गलती भी आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे न सिर्फ लोन मंजूरी में दिक्कत आती है, बल्कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट और अन्य सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। यही वजह है कि आपको अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए और अगर उसमें कोई गलती दिखे तो तुरंत सुधार की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

भारत में चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो काम करते हैं CIBIL, Experian, CRIF High Mark और Equifax। ये हर 15 दिन में आपका डेटा अपडेट करते हैं। इसके बावजूद रिपोर्ट में टाइपिंग मिस्टेक, पुराने रिकॉर्ड या डुप्लीकेट एंट्री जैसी गड़बड़ियां हो सकती हैं।

शिकायत दर्ज करने का प्रोसेस

  • अगर आपकी रिपोर्ट में गलती है, तो आप इसे आसानी से ठीक करवा सकते हैं।
  • सबसे पहले संबंधित क्रेडिट ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें।
  • रिपोर्ट में मौजूद गलती को पहचानें और नोट करें।
  • Raise Dispute ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • फॉर्म में पूरी डिटेल भरें और सही डॉक्यूमेंट्स (जैसे आईडी प्रूफ, पेमेंट रिसीट आदि) अपलोड करें।
  • सबमिट करने के बाद आपकी रिपोर्ट पर Under Dispute का टैग लग जाएगा।

आगे क्या होगा?

क्रेडिट ब्यूरो आपकी शिकायत को लेंडिंग संस्था (जैसे बैंक या एनबीएफसी) के पास वेरिफिकेशन के लिए भेजता है। आमतौर पर 30 दिनों के भीतर जांच पूरी होती है और आपको ईमेल या पोस्ट के जरिए अपडेटेड रिपोर्ट भेज दी जाती है।

किन बातों का ध्यान रखें?

  • हमेशा गलती और सही सुधार को साफ-साफ लिखें।
  • अपने पास मौजूद पूरे सबूतों को साथ में लगाएं।
  • ऑनलाइन स्टेटस को समय-समय पर ट्रैक करें।
  • सभी डॉक्यूमेंट और रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
  • अगर समस्या हल न हो, तो मामला RBI Ombudsman तक ले जा सकते हैं।

क्यों जरूरी है सुधार?

क्रेडिट स्कोर में सुधार करना बेहद जरूरी है। इससे न केवल आपकी फाइनेंशियल क्रेडिबिलिटी बढ़ती है, बल्कि आपको लोन और क्रेडिट कार्ड पर बेहतर डील भी मिल सकती है। यानी सही स्कोर आपके लिए बेहतर ब्याज दर और आसान फाइनेंसिंग का रास्ता खोल देता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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