Credit Card इस्तेमाल करने वाले तेजी से बढ़ें हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आज के समय में अधिकांश युवा एक से अधिक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे वे कर्ज के जाल में भी फंस रहे हैं। हालांकि, अगर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल समझदारी से किया जा तो इससे न सिर्फ अपनी जरूरत को पूरा किया जा सकता है बल्कि बिना ब्याज चुकाए खरीदारी पर बचत भी की जा सकती है। आज हम आपको बता रहे हैं कि क्रेडिट कार्ड के इंटरेस्ट-फ्री पीरियड जो 45 या 50 दिनों तक हो सकता है का कैसे समझदारी से इस्तेमाल कर ब्याज देने से बच सकते हैं।
इंटरेस्ट-फ्री पीरियड के गेम को समझें
भारत में अधिकांश बैंक क्रेडिट कार्ड पर 45 या 50 दिनों तक इंटरेस्ट-फ्री पीरियड देते हैं। यह सुविधा इसलिए मिलती है क्योंकि बैंक इंटरेस्ट सिर्फ ट्रांजैक्शन बिल होने के दिन से कैलकुलेट करते हैं, न कि जिस दिन आप कार्ड स्वाइप करते हैं। हर बिलिंग साइकिल की एक फिक्स्ड मंथली तारीख होती है। इस तारीख के ठीक बाद की गई खरीदारी पर सबसे लंबा इंटरेस्ट-फ्री टाइम मिलता है, जबकि बिल बनने की तारीख के करीब किए गए ट्रांज़ैक्शन पर कम दिन मिलते हैं। इसमें एक आसान लेकिन सख्त शर्त है कि अगर आप ड्यू डेट तक पूरा बकाया अमाउंट पेमेंट नहीं करते हैं, तो बैंक ब्याज वसूलते हैं।
बिलिंग साइकिल को ऐसे समझें
आपने किसी बैंक से क्रेडिट कार्ड लिया है। मान लेते हैं कि एक बिलिंग साइकिल एक महीने की 5 तारीख से अगले महीने की 4 तारीख तक चलती है। अगर आप छह तारीख को कुछ खरीदते हैं, तो वह अगले महीने के बिल में दिखाई देगा, जिससे आपको पेमेंट ड्यू होने से पहले लगभग 45 दिन मिल जाएंगे। अगर आप वही चीज तीन तारीख को खरीदते हैं, तो आपको मुश्किल से दो हफ्ते मिलेंगे। लोग अक्सर इसे गलत समझते हैं और मान लेते हैं कि हर खरीदारी पर अपने आप 45 दिन की छूट मिलती है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि स्वाइप साइकिल के किस समय होता है। यही वजह है कि बैंक और फाइनेंशियल प्लानर अक्सर कार्ड होल्डर्स को अपनी बिलिंग तारीखों को ट्रैक करने और उसी हिसाब से बड़ी खरीदारी करने की सलाह देते हैं।
कार्ड होल्डर्स को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए
क्रेडिट कार्ड पर इंटरेस्ट-फ्री पीरियड का सही इस्तेमाल करने के लिए टाइमिंग और डिसिप्लिन बहुत जरूरी है। इसलिए यूजर्स को बिलिंग डेट की जानकारी, नई खरीदारी करने से पहले पिछला बिल का पूरा भुगतान और कैश निकालने से बचना चाहिए। कैश निकालने पर कभी भी इंटरेस्ट-फ्री पीरियड नहीं मिलता है। कैश निकालने के साथ ब्याज शुरू हो जाता है।
