Credit Card NPA: भारत में क्रेडिट कार्ड (Credit Card) यूज करने वालों की संख्या बहुत अधिक है। पर क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सामने आई नई जानकारी बैंकों के लिहाज से अच्छी नहीं है। बैंकों के क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में बैड या नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) 2022 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 765 करोड़ रुपये या 24.5 प्रतिशत बढ़कर 3,887 करोड़ रुपये हो गए। हालांकि, दिसंबर 2022 तक क्रेडिट कार्ड एनपीए, कुल क्रेडिट कार्ड बकाया या लोन एक्सपोजर के सिर्फ 2.16 प्रतिशत हैं, जो 31 मार्च, 2022 तक 2.11 प्रतिशत के मुकाबले बहुत मामूली वृद्धि है।
बढ़ते एनपीए आरबीआई के लिए चिंता का सबब
क्रेडिट कार्ड एनपीए का 765 करोड़ रुपये या 24.5 प्रतिशत बढ़कर 3,887 करोड़ रुपये होने का खुलासा द संडे एक्सप्रेस द्वारा एक आरटीआई क्वेरी के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने किया है। हालांकि बैंकों के कुल बकाया की तुलना में क्रेडिट कार्ड एनपीए का आंकड़ा बहुत कम है, लेकिन बढ़ता एनपीए ट्रेंड आरबीआई के लिए चिंता का विषय बन रहा है।
यह पता चला है कि केंद्रीय बैंक ने पर्सनल लोन (Personal Loan) और क्रेडिट कार्ड जैसे अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loan) पर बैंकों को आगाह भी किया है। भारतीय लोग अपने कई तरह की जरूरतों के लिए पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड से काम चलाते हैं।
कितना है क्रेडिट कार्ड का बकाया
30 दिसंबर, 2022 तक बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट कार्ड का बकाया 1.8 लाख करोड़ रुपये था। आरबीआई के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि 21 अप्रैल, 2023 को बैंकिंग सेक्टर का क्रेडिट कार्ड लोन एक्सपोजर 2 लाख करोड़ रुपये था। यह बैंकों की कुल लोन बुक का 1.5 प्रतिशत है।
आरबीआई ने 31 दिसंबर, 2022 को समाप्त हुए नौ महीनों के लिए क्रेडिट कार्ड एनपीए डेटा शेयर किया है, क्योंकि मार्च 2023 को समाप्त चौथी तिमाही के लिए अभी डेटा इकट्ठा किया जा रहा है।
क्रेडिट कार्ड का बकाया कब बन जाता है एनपीए
किसी क्रेडिट कार्ड खाते को एनपीए तब माना जाएगा, यदि मिनिमम बकाया अमाउंट, जैसा कि स्टेटमेंट में जिक्र किया गया हो, स्टेटमेंट में बताई गई पेमेंट ड्यू डेट से 90 दिनों के भीतर फुली पेड नहीं किया जाता है।
