नई दिल्ली। महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर राहत भरी की खबर आई है। सरकार की ओर से पिछले महीने यानी नवंबर 2022 के खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) के आंकड़े जारी हो गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि नवंबर में खुदरा मुद्रास्फीति 11 महीने के निचले स्तर पर यानी 5.88 फीसदी पर आ गई है। इसका मुख्य कारण खाने के पदार्थों की कीमतों में नरमी आना है। उल्लेखनीय है कि यह 11 महीनों में यह पहली बार है जब रिटेल इन्फ्लेशन आरबीआई के बैंड के भीतर रही है।
इतनी हुई खाद्य पदार्थों की महंगाई दर
इससे पिछले महीने यानी अक्टूबर 2022 में देश की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 6.77 फीसदी थी और पिछले साल की समान अवधि यानी नवंबर 2021 में इसका स्तर 4.91 फीसदी था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 4.67 फीसदी रही, जो पिछले महीने 7.01 फीसदी थी।
मालूम हो कि खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ऊपरी सहनशीलता सीमा यानी 6 फीसदी से ज्यादा थी। अब खुदरा मुद्रास्फीति 11 महीनों के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। दिसंबर 2021 में खुदरा महंगाई दर 5.66 फीसदी रही थी।
पीछे छूटा महंगाई का बुरा दौर
रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते कहा था कि महंगाई का बुरा दौर पीछे छूट गया है। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति पर उसकी 'अर्जुन की आंख' की तरह नजर है। हाल ही में हुई आरबीआई की मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में रेपो रेट को 35 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया गया था। मई 2022 से अब तक इसमें 2.25 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।
अक्टूबर में घटा IIP औद्योगिक उत्पादन
अक्टूबर के महीने में भारत के औद्योगिक उत्पादन (India Industrial Production) में चार फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन में गिरावट आना है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि इसके अलावा माइनिंग और बिजली उत्पादन में वृद्धि भी धीमी हुई है। पिछले साल की समान अवधि में यानी अक्टूबर 2021 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 4.2 फीसदी बढ़ा था। एनएसओ की ओर से जारी IIP डेटा के अनुसार, अक्टूबर 2022 में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 5.6 फीसदी की गिरावट आई है।
