Oscar Award Ceremony 2023, RRR Natu Natu Songs Wins Trophy:सोमवार की सुबह भारतीय सिनेमा जगत के लिए नई खुशी लहर लेकर आई। भारतीय फिल्मों को 2 कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड मिले हैं। 95वें ऑस्कर अवॉर्ड में फिल्म RRR के गाने नाटू-नाटू ने बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग का अवॉर्ड जीता है। वहीं, द एलिफेंट व्हिस्परर्स बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म बनी। इसके पहले नाटू-नाटू को गोल्डन ग्लोब्स अवॉर्ड में बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग का खिताब मिला था। ऑस्कर को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सिनेमा पुरस्कारों में से एक माना जाता है। 95 साल के ऑस्कर इतिहास में हर कलाकार की ख्वाहिश होती है कि एक बार उसे भी स्टेज पर ऑस्कर ट्रॉफी उठाने का मौका मिले। 13.5 इंच की ऑस्कर ट्रॉफी को बनाने और उसमें इस्तेमाल होने वाले धातुओं की दिलचस्प कहानी है।
ऐसे शुरू हुआ ऑस्कर
अमेरिका में स्थित एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस दुनिया भर में फिल्मों से जुड़े डायरेक्टर, एक्टर और राइटर्स को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मानित करती है। अवॉर्ड की शुरुआत साल 1927 में मोशन पिक्चर्स इंडस्ट्री के 36 लोगों ने मिलकर की थी। इसके तहत विजेता को एक ट्रॉफी दी जाती है। दुनिया में सबसे पहला ऑस्कर अवॉर्ड 16 मई 1929 को अमेरिका में आयोजित एक समारोह में दिया गया था।
इतने में बनती है ऑस्कर ट्रॉफी
साल 2017 में Coinage कंपनी ने ऑस्कर ट्रॉफी के निर्माण और उसके आने वाली लागत को साझा किया था। उसके अनुसार ऑस्कर ट्रॉफी का वजन करीब 4 किलोग्राम होता है।
इसके स्टैच्यू की लंबाई 13.5 इंच है। जो सबसे पहले कांसे और गोल्ड कोटेड धातु से बनाई गई थी। जिसमें बदलाव के साथ,अब उसे धातुओं और गोल्ड कोटेड के साथ बनाया जाता है। और एक स्टैच्यू की लागत 400 डॉलर आती है।
एक डॉलर में ही बेच सकते हैं विजेता
ऑस्कर ट्रॉफी को लेकर एक खास शर्त है। इसके तहत विजेता इस ट्रॉफी को बेच नहीं सकता है। अगर कोई विजेता इसे बेचना चाहता है, तो ट्रॉफी को ऑस्कर अकादमी को ही बेचा जा सकता है। ट्रॉफी को विजेता केवल एक डॉलर में ही बेच सकता है। इसके अलावा यह भी शर्त रखी गई है कि कोई भी ऑस्कर विजेता या उसके परिवार के लोग साल 1950 के बाद से जीती गई ट्रॉफी को बेच नहीं सकता है। केवल उसे अकादमी को एक डॉलर में ही दिया जा सकता है।
