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Cooking Oil Prices: सोयाबीन तेल में गिरावट, तिलहन मजबूत, जानें और तेल-तेलहन के भाव

Cooking Oil Prices: आयातकों द्वारा लागत से कम दाम पर सोयाबीन और पाम तेल बेचने से बाजार दबाव में रहा, जबकि डीओसी की बढ़ती मांग से सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज किया गया।

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खाने वाले तेल-तिलहन की कीमतें (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Cooking Oil Prices : आयातकों द्वारा आयातित सोयाबीन तेल को लागत से कम दाम पर बेचने के कारण मंगलवार को घरेलू बाजार में सोयाबीन तेल की कीमतों में गिरावट (Edible oil prices) दर्ज की गई। वहीं, सोयाबीन के तेल रहित खल (डी-आयल्ड केक या डीओसी) की स्थानीय और निर्यात मांग बढ़ने से सोयाबीन तिलहन के भाव में सुधार देखने को मिला। बाकी तेल-तिलहनों में सामान्य और सुस्त कारोबार के बीच स्थिरता बनी रही। मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट का रुख रहा, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज सोमवार रात कमजोरी के साथ बंद हुआ था। हालांकि फिलहाल वहां मामूली सुधार देखा जा रहा है।

लागत से नीचे बिक्री पर चिंता

बाजार सूत्रों के अनुसार, आयातक बैंकों में अपने ‘लेटर ऑफ क्रेडिट’ (एलसी) को सक्रिय बनाए रखने के लिए आयातित सोयाबीन तेल को लागत से करीब 3 से 3.5 प्रतिशत कम दाम पर बेच रहे हैं। इससे बैंकों के ऋण फंसने का खतरा बढ़ रहा है और कारोबारी माहौल भी प्रभावित हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस स्थिति पर सरकार और वित्तीय समीक्षकों को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि लगातार घाटे में हो रही बिक्री से बैंकिंग क्षेत्र पर दबाव बढ़ सकता है।

डीओसी की मांग से तिलहन को सहारा

दूसरी ओर, सोयाबीन डीओसी की घरेलू और निर्यात मांग मजबूत होने से सोयाबीन तिलहन की कीमतों में सुधार आया है। बाजार जानकारों के मुताबिक, सोयाबीन का बड़ा स्टॉक फिलहाल सरकार और कुछ किसानों के पास मौजूद है। सरकार के पास तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र में सोयाबीन का भंडार है। महाराष्ट्र के सांगली क्षेत्र में अगले 15-20 दिनों में सोयाबीन की बुवाई शुरू होने की संभावना है। कई वर्षों बाद किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से बेहतर दाम मिले हैं, जिससे किसानों में उत्साह बढ़ा है और आने वाले सीजन में सोयाबीन की बुवाई का रकबा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:-

  • सरसों तिलहन - 7,025-7,050 रुपये प्रति क्विंटल।
  • मूंगफली - 6,650-7,125 रुपये प्रति क्विंटल।
  • मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,750 रुपये प्रति क्विंटल।
  • मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,500-2,800 रुपये प्रति टिन।
  • सरसों तेल दादरी- 14,350 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सरसों पक्की घानी- 2,400-2,500 रुपये प्रति टिन।
  • सरसों कच्ची घानी- 2,400-2,545 रुपये प्रति टिन।
  • सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,650 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,550 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,100 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सीपीओ एक्स-कांडला- 13,625 रुपये प्रति क्विंटल।
  • बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,350 रुपये प्रति क्विंटल।
  • पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,400 रुपये प्रति क्विंटल।
  • पामोलिन एक्स- कांडला- 14,275 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
  • सोयाबीन दाना - 7,150-7,200 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सोयाबीन लूज- 6,800-6,875 रुपये प्रति क्विंटल।

पाम तेल भी दबाव में

बाजार में यह स्थिति केवल सोयाबीन तेल तक सीमित नहीं है। पाम और पामोलीन तेल भी लागत से नीचे दाम पर बिक रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य तेलों के लिए आयात पर निर्भर भारत जैसे देश में आयातित तेलों की लागत से कम कीमत पर बिक्री एक विरोधाभासी स्थिति पैदा कर रही है, जिसे संभालने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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