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चालू वित्त वर्ष में 7% गिर सकती है कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री, रेटिंग एजेंसी इक्रा की रिपोर्ट

Rating Agency ICRA: रेटिंग एजेंसी इक्रा ने जारी रिपोर्ट में कहा कि उच्च आधार प्रभाव और पहले कुछ महीनों में बुनियादी ढांचा गतिविधियों पर लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के प्रभावों को देखते हुए मध्यम और भारी कॉमर्शियल वाहनों (ट्रकों) की बिक्री में सालाना आधार पर 4 से 7 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

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कॉमर्शियल वाहनों की घटेगी बिक्री

Photo : BCCL

Rating Agency ICRA: पिछले साल के उच्च आधार और मांग में गिरावट से प्रभावित घरेलू कॉमर्शियल वाहन इंडस्ट्री की थोक बिक्री चालू वित्त वर्ष में 4 से 7 प्रतिशत तक घटने की आशंका है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि उच्च आधार प्रभाव और पहले कुछ महीनों में बुनियादी ढांचा गतिविधियों पर लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के प्रभावों को देखते हुए मध्यम और भारी कॉमर्शियल वाहनों (ट्रकों) की बिक्री में सालाना आधार पर चार से सात प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

ICRA ने कहा कि हल्के कॉमर्शियल वाहनों की थोक बिक्री में वित्त वर्ष 2024-25 में 5 से 8 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है। उच्च आधार प्रभाव, ई-कॉमर्स गतिविधियों में सुस्ती और इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों से बिक्री में गिरावट से ऐसा होने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी ने घरेलू कॉमर्शियल वाहन उद्योग की तेजी चालू वित्त वर्ष में थम जाने की आशंका जताते हुए कहा कि इसकी थोक बिक्री में चार से सात प्रतिशत की गिरावट आएगी।

ICRA ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में थोक बिक्री में एक प्रतिशत और खुदरा बिक्री में तीन प्रतिशत की धीमी वृद्धि रही थी। इक्रा रेटिंग्स की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और सह-समूह प्रमुख किंजल शाह ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 और वित्त वर्ष 2022-23 में मात्रा के साथ टन भार के मामले में भी बहुत तेज वृद्धि देखी गई थी। वित्त वर्ष 2023-24 में घरेलू वाणिज्यिक वाहन मात्रा वृद्धि की रफ्तार सुस्त हो गई थी और आम चुनावों के कारण कुछ क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में क्षणिक नरमी के बीच चालू वित्त वर्ष में गिरावट का अनुमान है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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