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CNG Price Hike: पेट्रोल-डीजल के बाद दिल्ली-NCR में सीएनजी का बढ़ा दाम, अब कितने रुपए हुई महंगी, फटाफट चेक करें रेट

CNG Price Hike: 15 मई को पेट्रोल डीजल 3 महंगा होने के तुरंत बाद दिल्ली एनसीआर में CNG के रेट भी बढ़ गए हैं। दिल्ली एनसीआर में CNG 2 रुपए महंगी हुई है.

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CNG Price Hike: अभी मुंबई में सीएनजी के दाम बढ़ने की खबर ठंडी भी नहीं हुई थी कि दिल्ली-NCR के लोगों को भी महंगाई का तगड़ा झटका लग गया है। राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में गैस सप्लाई करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने सीएनजी की कीमतों में प्रति किलो 2 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच, सीएनजी ही आम आदमी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा थी, लेकिन अब इसके बढ़ते दामों ने मध्यम वर्ग और वाहन चालकों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

अब क्या है आपके शहर का नया रेट?

ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमतें अब नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। हालांकि अलग-अलग शहरों में वैट (VAT) और स्थानीय टैक्स के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर होता है, लेकिन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी कीमतें इसी अनुपात में बढ़ाई गई हैं। गुरुग्राम और रेवाड़ी जैसे इलाकों में भी आईजीएल के पंपों पर नई दरें लागू हो चुकी हैं। अब दिल्ली-NCR के लोगों को एक फुल टैंक सीएनजी भरवाने के लिए पहले के मुकाबले 100 से 150 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।

मुंबई के बाद दिल्ली की बारी

विशेषज्ञों का मानना था कि जैसे ही मुंबई में महानगर गैस ने रेट बढ़ाए, दिल्ली में भी आईजीएल कीमतों में बदलाव करेगा। इसके पीछे का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक गैस की बढ़ती लागत है। घरेलू गैस उत्पादन में कमी और विदेशों से महंगी गैस आयात करने के कारण कंपनियां अब इस बोझ को ग्राहकों पर डाल रही हैं। इसके अलावा, गैस वितरण कंपनियों पर परिचालन और रसद (Logistics) का खर्च भी बढ़ा है, जिसका सीधा असर अब हम अपनी जेब पर देख रहे हैं।

ऑटो, टैक्सी और बस किराए पर असर

सीएनजी की कीमतों में इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ने वाला है। दिल्ली-NCR में चलने वाले लाखों ऑटो-रिक्शा, काली-पीली टैक्सी और ऐप आधारित कैब (Ola-Uber) सीएनजी पर ही निर्भर हैं। ऑटो चालकों का कहना है कि 2 रुपये की बढ़ोतरी उनकी दैनिक बचत को कम कर देगी। इसकी वजह से अब टैक्सी और ऑटो यूनियनें सरकार से किराया बढ़ाने की मांग तेज कर सकती हैं। यदि आने वाले दिनों में किराया बढ़ता है, तो स्कूल जाने वाले बच्चों की वैन से लेकर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों तक, हर किसी की जेब पर महंगाई की मार पड़ेगी।

सब्जी और दूध भी हो सकते हैं महंगे

सीएनजी केवल कारों में ही इस्तेमाल नहीं होती, बल्कि शहरों के भीतर माल ढुलाई करने वाले छोटे कमर्शियल वाहन (जैसे टाटा एस या महिंद्रा पिकअप) भी सीएनजी पर चलते हैं। जब ईंधन महंगा होता है, तो सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का खर्च बढ़ जाता है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों जैसे दूध, ब्रेड, सब्जी और फलों की कीमतों पर पड़ सकता है। व्यापारियों का मानना है कि ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से आने वाले हफ्तों में खुदरा महंगाई में भी उछाल देखा जा सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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