CNG PRICE HIKE: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और इसके आसपास के इलाकों (MMR) में रहने वाले लोगों के लिए सुबह-सुबह एक बुरी खबर आई है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब मुंबई में सीएनजी का भाव 84 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी ने न केवल आम कार मालिकों, बल्कि टैक्सी और ऑटो चालकों की भी चिंता बढ़ा दी है। जैसे ही मुंबई में कीमतें बढ़ीं, देश के अन्य बड़े शहरों, खासकर दिल्ली-NCR में भी यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब यहां भी सीएनजी के दाम बढ़ने वाले हैं।
मुंबई में क्यों बढ़े दाम?
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में गैस सप्लाई करने वाली कंपनी महानगर गैस लिमिटेड का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक गैस की कीमतों में उछाल और घरेलू इनपुट लागत बढ़ने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। कंपनी के अनुसार, परिचालन लागत और गैस की खरीद कीमतों में जो अंतर आ रहा था, उसे कम करने के लिए यह मूल्य वृद्धि जरूरी हो गई थी। पिछले कुछ महीनों में यह सीएनजी की कीमतों में हुई तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जिसने मुंबई के सार्वजनिक परिवहन की गणित को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
ऑटो-टैक्सी यूनियनों की बढ़ी परेशानी
सीएनजी के दाम ₹84 प्रति किलो होने के बाद मुंबई की ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने सरकार से बेस फेयर (न्यूनतम किराया) बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है। ड्राइवरों का कहना है कि सीएनजी महंगी होने से उनकी रोज की कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन में ही चला जाता है। यदि किराया नहीं बढ़ाया गया, तो उनके लिए घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। दूसरी ओर, यदि किराया बढ़ता है, तो इसका सीधा बोझ आम जनता की जेब पर पड़ेगा, जो पहले से ही बढ़ती खाद्य महंगाई से परेशान है।
क्या दिल्ली में भी बढ़ेंगे दाम?
मुंबई में दाम बढ़ते ही सबकी नजरें अब दिल्ली-NCR में गैस सप्लाई करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) पर टिक गई हैं। ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि जब भी मुंबई में महानगर गैस कीमतें बढ़ाती है, तो उसके कुछ ही समय बाद दिल्ली में भी कीमतें बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, दिल्ली में सीएनजी की कीमतें फिलहाल मुंबई के मुकाबले थोड़ी कम हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में गैस की कमी और बढ़ती मांग को देखते हुए आईजीएल भी जल्द ही कीमतों की समीक्षा कर सकता है। अगर दिल्ली में दाम बढ़ते हैं, तो इसका असर लाखों कम्यूटरों और रसद (Logistics) सेवाओं पर पड़ेगा।
आम जनता पर चौतरफा मार
सीएनजी को पेट्रोल और डीजल के मुकाबले एक सस्ता और स्वच्छ ईंधन माना जाता है। इसी वजह से पिछले कुछ वर्षों में लोगों ने अपनी गाड़ियों में सीएनजी किट लगवाने पर काफी पैसा खर्च किया है। लेकिन अब जिस तरह से सीएनजी की कीमतें ₹80-₹85 के करीब पहुंच रही हैं, उससे पेट्रोल और सीएनजी के बीच का 'प्राइस गैप' कम होता जा रहा है। इसका असर सिर्फ कार मालिकों पर ही नहीं, बल्कि सब्जी, फल और अन्य जरूरी सामान ढोने वाले छोटे कमर्शियल वाहनों पर भी पड़ता है, जिससे अंततः महंगाई और बढ़ती है।
क्या-क्या हुआ महंगा?
बीते 96 घंटों में भारत में कई चीजें महंगी हो गई हैं। अमूल से लेकर मदर डेरी के दूध 2 रुपए महंगे हो गए। इसके अलावा गोल्ड पर इम्पोर्ट ड्यूटी भी बढ़ गई। और अब CNG महंगा हो गया।अब लोगों में चर्चा है कि क्या पेट्रोल डीजल भी महंगा हो जाएगा।
