CMPDI IPO: इंडिया की सहायक कंपनी CMPDI यानी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यू का आईपीओ इस सप्ताह शुक्रवार 20 मार्च को खुलने जा रहा है। ₹172 के प्राइस बैंड पर आने वाला यह PSU इश्यू अपने सेगमेंट में 61% मार्केट शेयर रखता है। इसके अलावा पिछले दो वित्त वर्ष से कंपनी 50% तक की प्रॉफिट ग्रोथ के साथ निवेशकों को आकर्षित कर रही है। वहीं, ₹22 का GMP करीब 13% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, इसकी तुलना जनवरी में लिस्ट हुई कोल इंडिया की एक और सहायक कंपनी BCCL से हो रही है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने निवेशकों को करीब 96% का लिस्टिंग गेन दिया था। 23 रुपये का शेयर करीब ₹45.21 पर लिस्ट हुआ था।
क्या करती है कंपनी?
Central Mine Planning & Design Institute (CMPDI) Coal India की सब्सिडियरी है और माइनिंग कंसल्टेंसी सर्विस देती है। कंपनी भारत में इस सेगमेंट में करीब 61% मार्केट शेयर रखती है, जो इसे सेक्टर का प्रमुख खिलाड़ी बनाता है। यह सिर्फ खनन नहीं करती, बल्कि एक्सप्लोरेशन, प्लानिंग, डिजाइन और एनवायरनमेंट मैनेजमेंट जैसी सेवाएं देती है।
GMP से मिल रहा लिस्टिंग का संकेत
ग्रे मार्केट में CMPDI IPO का GMP ₹22 तक पहुंच चुका है। ₹172 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह करीब 12-13% लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP केवल संकेत होता है और वास्तविक लिस्टिंग पर बाजार की स्थितियां असर डालती हैं।
ग्रोथ की रफ्तार ने खींचा ध्यान
कंपनी के फाइनेंशियल्स इसे एक मजबूत PSU कहानी बनाते हैं। FY23 से FY25 के बीच रेवेन्यू ₹1,386 करोड़ से बढ़कर ₹2,103 करोड़ पहुंच गया, जबकि प्रॉफिट ₹297 करोड़ से बढ़कर ₹667 करोड़ हो गया। इस दौरान प्रॉफिट ग्रोथ करीब 50% CAGR रही, जो किसी सरकारी कंपनी के लिए खास मानी जाती है।
मार्जिन प्रोफाइल भी मजबूत
CMPDI का बिजनेस मॉडल कंसल्टेंसी आधारित है, जिससे कंपनी को हाई मार्जिन मिलता है। EBITDA मार्जिन करीब 40% और नेट प्रॉफिट मार्जिन 30% से ऊपर है। यह संकेत देता है कि कंपनी कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाने की क्षमता रखती है।
कोयले से आगे बढ़ने की रणनीति
कंपनी अब अपने बिजनेस को कोयले से आगे बढ़ाकर लिथियम, निकेल, कोबाल्ट और कॉपर जैसे मिनरल्स में विस्तार की योजना बना रही है। यह बदलाव क्लीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल थीम से जुड़ा है, जिससे आने वाले समय में ग्रोथ के नए रास्ते खुल सकते हैं।
जोखिम भी हैं मौजूद
CMPDI का बड़ा हिस्सा Coal India और सरकारी संस्थाओं से आता है। FY25 में करीब 66% रेवेन्यू Coal India से आया, जबकि टॉप 10 क्लाइंट्स से लगभग 95% बिजनेस जुड़ा है। इसके अलावा कंपनी की ग्रोथ सरकारी फंडिंग और पॉलिसी पर निर्भर है, जो जोखिम बढ़ाती है।
वैल्यूएशन और इश्यू स्ट्रक्चर
₹172 के प्राइस बैंड पर कंपनी का P/E करीब 18.4x है, जो इंडस्ट्री के मुकाबले संतुलित माना जा सकता है। यह इश्यू पूरी तरह OFS है, यानी कंपनी को नया फंड नहीं मिलेगा और Coal India अपनी हिस्सेदारी घटा रही है।
दांव लगाएं या नहीं?
फिलहाल, SBI सिक्योरिटीज ने इस इश्यू को रिव्यू किया है। हालांकि, किसी तरह की रेटिंग नहीं दी है। लेकिन, अपने आईपीओ नोट में कहा है कि CMPDI IPO में मजबूत फंडामेंटल, हाई मार्जिन और ग्रोथ की कहानी दिखती है, जबकि GMP भी शुरुआती उत्साह का संकेत देता है। हालांकि, क्लाइंट कंसंट्रेशन और सरकारी निर्भरता जैसे जोखिम निवेशकों के लिए अहम फैक्टर रहेंगे। ऐसे में यह इश्यू शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों नजरिए से संतुलित मूल्यांकन मांगता है।
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