Anthropic Allegation on Alibaba : ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में फिलहाल अमेरिका सबसे आगे चल रहा है। खासतौर पर Open AI और Anthropic जैसी कंपनियां अमेरिका को AI की रेस में लीड कर रही हैं। वहीं, चीन भी बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन, अक्सर चीन पर यह आरोप लगता रहा है कि वह खुद टेक्नोलाॅजी बनाने की जगह पश्चिम की तकनीक को चुराता है और अपना बताता है। एक बार फिर ऐसे ही आरोप लगे हैं। Anthropic ने चीन की टेक दिग्गज कंपनी Alibaba के खिलाफ AI की रेस में चोरी करने का आरोप लगाया है।
अलीबाबा पर क्या आरोप?
Anthropic ने चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड (Alibaba Group) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि चीनी कंपनी ने अवैध और गुप्त तरीके से उसके सबसे एडवांस्ड AI Models का इस्तेमाल किया है। एंथ्रोपिक की तरफ से ये आरोप लगाए जाने के बाद हॉन्गकॉन्ग स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड अलीबाबा के शेयर एक झटके में करीब 5% तक टूटकर 16 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं।
अलीबाबा की साख पर बड़ा धब्बा
एंथ्रोपिक के इस आरोप ने वैश्विक निवेशकों के मन में चीनी टेक कंपनियों की साख को लेकर बड़ा डर पैदा कर दिया है। यह विवाद ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी सरकार ने चीनी कंपनियों को लेकर पहले से ही बेहद सख्त रुख अपनाया है।
क्या है मुख्य विवाद?
इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी सरकार ने एंथ्रोपिक को आदेश दिया था कि वह विदेशी नागरिकों और कंपनियों को अपने सबसे शक्तिशाली AI प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से पूरी तरह प्रतिबंधित करे। यह कदम तब उठाया गया जब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पता चला कि एंथ्रोपिक के लेटेस्ट Fable 5 और Mythos 5 मॉडल के सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' (Jailbreak - सिक्योरिटी को बायपास करना) करना संभव है। अब एंथ्रोपिक का आरोप है कि अलीबाबा ने इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उनके मॉडल तक अनधिकृत पहुंच बनाई।
चीनी AI बाजार में हाहाकार
एंथ्रोपिक के आरोप के बाद सिर्फ सिर्फ अलीबाबा के शेयर ही नहीं डूबे हैं। बल्कि, चीन की तमाम AI कंपनियों को झटका लगा है। अलीबाबा के साथ-साथ बड़े लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) विकसित करने वाली अन्य चीनी कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई है। मसलन, Baidu Inc के शेयरों में 3% से अधिक की गिरावट आई है। Xiaomi Corp के शेयर 3% ज्यादा टूट चुके हैं। नोमुरा इंटरनेशनल (Nomura) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशक अब चीन की इंटरनेट कंपनियों से अपना पैसा निकालकर दक्षिण कोरिया और ताइवान की सेमीकंडक्टर (चिपमेकर) कंपनियों में लगा रहे हैं।
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