Windfall Tax: केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को झटका देते हुए पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स में बढ़ा दिया है। अब विंडफॉल टैक्स 1600 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 4250 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। ये दरें 1 अगस्त यानी आज से लागू हो चुकी हैं। इससे पहले 15 जुलाई को विंडफॉल टैक्स 1600 रुपये प्रति टन कर दिया है।
डीजल पर 1 रुपये प्रति लीटर का टैक्स
केंद्र सरकार ने डीजल पर भी विंडफॉल टैक्स लगा दिया है जो पहले शून्य पर था। डीजल के एक्सपोर्ट पर सरकार ने 1 रुपये प्रति लीटर का टैक्स लगाया है। 31 जुलाई को जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक केंद्र सरकार ने ये नई टैक्स की दरें जारी की हैं। पेट्रोल और एटीएफ पर सरकार ने कोई विंडफॉल टैक्स नहीं लगाया है और इस पर यथास्थिति बरकरार रखी है।
क्या है विंडफॉल टैक्स
विंडफॉल टैक्स ऐसी इंडस्ट्री पर लगाया जाता है जिन्हें किसी खास तरह के हालात से तत्काल काफी फायदा होता है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी। इससे तेल कंपनियों को काफी फायदा मिला था।
क्यों लगाया सरकार ने ये टैक्स और असर क्या होगा
सरकार ने घरेलू तेल कंपनियों के पेट्रोल-डीजल, एविएशन टरबाइन फ्यूल, गैसोलीन और पेट्रोलियम क्रूड के एक्सपोर्ट के ऊपर विंडफॉल टैक्स के रूप में लेवी लगाई थी। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि प्राइवेट तेल कंपनियां भारत में तेल बेचने की बजाए विदेशी बाजारों में जबरदस्त रिफाइनिंग मार्जिन हासिल कर रही थीं। सरकार ने इन कंपनियों के इसी मुनाफे पर टैक्स लगाया जिससे ये घरेलू बाजार में ये पेट्रोलियम उत्पाद बेचने से पीछे न हटें।
