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AIF: पीएम-कुसम , FPO सहित इनको मिलेगा कृषि अवसंरचना कोष का फायदा, 100000 करोड़ का है फंड

Agriculture Infrastructure Fund: सरकार ने किसानों, किसानों के समूह, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, पंचायतों के लिए पीएम-कुसुम के घटक-ए को एआईएफ के साथ एकीकृत करने की भी अनुमति दी है।

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कृषि अवसंरचना कोष

Agriculture Infrastructure Fund:सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये की कृषि अवसंरचना कोष (AIF) योजना का दायरा बढ़ाकर इसे और अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश की है। केंद्र ने एआईएफ के तहत पात्र गतिविधियों की सूची में एकीकृत प्राथमिक माध्यमिक प्रसंस्करण परियोजनाओं को शामिल करने का फैसला किया है। हालांकि, एकल माध्यमिक परियोजनाएं पात्र नहीं होंगी और उन्हें खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई योजनाओं के तहत कवर किया जाएगा।सरकार ने किसानों, किसानों के समूह, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, पंचायतों के लिए पीएम-कुसुम के घटक-ए को एआईएफ के साथ एकीकृत करने की भी अनुमति दे दी है।

क्या मिलेंगे फायदे

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सरकार ने योजना के सभी पात्र लाभार्थियों को ‘सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए व्यवहार्य परियोजनाओं’ के अंतर्गत आने वाले बुनियादी ढांचे के निर्माण की अनुमति दी है।इस कदम से व्यवहार्य परियोजनाओं के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है, जो सामुदायिक कृषि क्षमताओं को बढ़ाएगी, जिससे इस क्षेत्र में उत्पादकता और पर्यावरण अनुकूलता में सुधार होगा।

केंद्र ने एआईएफ के तहत पात्र गतिविधियों की सूची में एकीकृत प्राथमिक माध्यमिक प्रसंस्करण परियोजनाओं को शामिल करने का फैसला किया है। हालांकि, एकल माध्यमिक परियोजनाएं पात्र नहीं होंगी और उन्हें खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई योजनाओं के तहत कवर किया जाएगा।

सरकार ने किसानों, किसानों के समूह, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, पंचायतों के लिए पीएम-कुसुम के घटक-ए को एआईएफ के साथ एकीकृत करने की भी अनुमति दी है।

इन पहलों के तालमेल बिठाने का उद्देश्य कृषि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ स्थायी स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देना है।

सीजीटीएमएसई (सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) के अलावा, सरकार ने एनएबी संरक्षण ट्रस्टी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से एफपीओ के एआईएफ क्रेडिट गारंटी कवरेज का विस्तार करने का भी प्रस्ताव दिया है।

क्या है Agriculture Infrastructure Fund (AIF)

वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा इसकी शुरुआत के बाद से एआईएफ योजना 6,623 गोदामों, 688 शीत भंडार गृहों और 21 साइलो परियोजनाओं के निर्माण में सहायक रही है, जिससे देश में लगभग पांच करोड़ लाख टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता प्राप्त हुई है। इसमें 4.65 करोड़ टन ड्राई स्टोरेज और 35 लाख टन कोल्ड स्टोरेज क्षमता शामिल है। इस अतिरिक्त भंडारण क्षमता से सालाना 18.6 लाख टन खाद्यान्न और 3.44 लाख टन बागवानी उपज को बचाया जा सकता है।

बयान में कहा गया है, एआईएफ के तहत अब तक 74,508 परियोजनाओं के लिए 47,575 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन स्वीकृत परियोजनाओं ने कृषि क्षेत्र में 78,596 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है, जिसमें से 78,433 करोड़ रुपये निजी संस्थाओं से जुटाए गए हैं।

इसके अलावा, एआईएफ के तहत स्वीकृत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने कृषि क्षेत्र में 8.19 लाख से अधिक ग्रामीण रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद की है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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