बिजनेस

Byju’s Crisis: बायजू के रवींद्रन ने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए गिरवी रखा घर, 15000 कर्मचारियों का अटका था वेतन

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Dec 5, 2023, 07:51 AM IST

Byju’s Crisis: बायजू रवींद्रन ने कथित तौर पर कंपनी की वित्तीय चुनौतियों के बीच कर्मचारियों को मुआवजा देने के लिए धन जुटाने के लिए अपने आवास और अपने परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाले दोनों घरों को गिरवी रख दिया है।

Image

बायजू के 15 हजार कर्मचारियों को दिया वेतन।

Photo : Times Now Digital

Byju’s Crisis: भारत के प्रमुख एडटेक फर्म बायजू की वित्तीय स्थितियां बेहद खराब हो चुकी हैं। कर्मचारियों की सैलरी तक देने के लिए स्टार्टअप कंपनी के पास पैसे नहीं है। बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन ने कर्मचारियों की सैलरी देने के लिए अपना घर और परिवार के सदस्यों के घर गिरवी रख दिए हैं। करीब 12 मिलियन डॉलर ( करीब 100 करोड़ रुपए ) का लोन लेने के लिए अपने घरों को बायजू फाउंडर ने गिरवी रखा है।

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बायजू रवींद्रन ने कथित तौर पर कंपनी की वित्तीय चुनौतियों के बीच कर्मचारियों को मुआवजा देने के लिए धन जुटाने के लिए अपने आवास और अपने परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाले दोनों घरों को गिरवी रख दिया है। गिरवी रखी गई संपत्तियों में बेंगलुरू में परिवार के दो आवास के साथ साथ एप्सिलॉन में रवींद्रन का निर्माणाधीन विला है। यह विला शहर का शानदार गेटेड कम्युनिटी है। इसके एवज में बायूज रवींद्रन की कंपनी ने 12 मिलियन डॉलर का लोन लिया है। हालांकि, इस लोन डील का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

बायजू के 15 हजार कर्मचारियों को दिया वेतन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टार्टअप ने बायजू की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट के 15,000 कर्मचारियों को वेतन देने के लिए जुटाई गई पूंजी का उपयोग किया। कंपनी वर्तमान में अपने यूएस-आधारित बच्चों के डिजिटल रीडिंग प्लेटफॉर्म को लगभग $400 मिलियन में बेचने की प्रक्रिया में है। बायजू, 1.2 बिलियन डॉलर के टर्म लोन पर छूटे हुए ब्याज भुगतान को लेकर लेनदारों के साथ कानूनी विवाद में उलझा हुआ है।

Byju's देश की सबसे कीमती एडटेक फर्म थी। एक समय इसका मूल्य लगभग 5 बिलियन डॉलर था। लेकिन मूल कंपनी में अपने सभी शेयरों का लाभ उठाकर रवींद्रन ने लगभग 400 मिलियन डॉलर का व्यक्तिगत लोन ले लिया। इसके अलावा उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में शेयर बेचने से प्राप्त $800 मिलियन को कंपनी में फिर से निवेश कर दिया। इसके बाद वह आर्थिक रूप से परेशान हो गए।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article