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Business Bulletin:30 सितंबर के बाद भी चलेंगे 2000 के नोट,टेक सेक्टर में 2 लाख की गई नौकरियां, ये हैं आज की न्यूज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 22, 2023, 03:00 PM IST

Business Bulletin:साल 2023 टेक्नोलॉजी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए सबसे खराब साल बन गया है। इस साल अब तक लगभग 2 लाख टेक सेक्टर के कर्मचारियों को ग्लोबल लेवल पर नौकरी गंवानी पड़ी है। ये छंटनी बिग टेक फर्म्स से लेकर स्टार्टअप्स तक में की गई है।

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ये हैं आज की बिजनेस न्यूज

Business Bulletin:2000 रु के नोट 30 सितंबर के बाद भी लीगल टेंडर रहेंगे। लोगों के पास 2000 रु के नोट बदलने के लिए 4 महीने का समय है। साल 2023 टेक्नोलॉजी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए सबसे खराब साल बन गया है। इस साल अब तक लगभग 2 लाख टेक सेक्टर के कर्मचारियों को ग्लोबल लेवल पर नौकरी गंवानी पड़ी है। कई फ्लेक्सी कैप फंड हैं, जिन्होंने निवेशकों को भारी रिटर्न दिया है। आज की टॉप बिजनेस न्यूज..

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज 2000 रु के नोट बंद किए जाने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) की। इस पीसी में उन्होंने कई बड़ी बातें कहीं। दास ने कहा कि नोट बदलने के लिए अफरा-तफरी न करें। उन्होंने बताया कि 2000 रु के नोट 30 सितंबर के बाद भी लीगल टेंडर रहेंगे। लोगों के पास 2000 रु के नोट बदलने के लिए 4 महीने का समय है। दास ने यह भी कहा कि 2000 रु के नोट बंद करने का फैसला क्लीन नोट पॉलिसी के तहत लिया गया है।

2000 रु के नोट बंद (2000 Note Ban) किए जाने के ऐलान के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस मामले में एक और अपडेट दी है। आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वे डेली बदले जाने वाले 2000 रुपये के नोटों के अमाउंट और खातों में जमा की गई राशि (2000 रु नोटों में) का डेटा मैंटेन करें। केंद्रीय बैंक ने बैंकों से साफ कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह बैंकों से डेटा मांगेगा। यानी बैंकों को 2000 रु के कितने नोट बदले गए और कितने खातो में हुए, ये सारी जानकारी रखनी होगी। ये काम बैंक का है और आम लोगों को इसमें कुछ नहीं करना।

साल 2023 टेक्नोलॉजी सेक्टर (Technology Sector) के कर्मचारियों के लिए सबसे खराब साल बन गया है। इस साल अब तक लगभग 2 लाख टेक सेक्टर के कर्मचारियों को ग्लोबल लेवल पर नौकरी गंवानी पड़ी है। ये छंटनी बिग टेक फर्म्स से लेकर स्टार्टअप्स (Start-Ups) तक में की गई है। बड़ी टेक फर्म्स में मेटा (Meta), बीटी (BT) और वोडाफोन (Vodafone) शामिल हैं। बता दें कि आने वाले महीनों में कई अन्य कंपनियों के और अधिक छंटनी करने की भी योजना है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को 2000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी। इसके साथ ही आरबीआई ने शुक्रवार को ही सभी बैंकों को निर्देश जारी किए थे कि वे तत्काल प्रभाव से 2000 रुपये के नोट जारी करना बंद कर दें। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि अगर आप बैंक से पैसा निकालने जाते हैं तो आपको 2000 रुपये के नोट नहीं दिए जाएंगे। आरबीआई के इस ऐलान के बाद देश के आम आदमी के दिमाग में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। यहां हम आपके सभी सवालों के जवाब देंगे।

फ्लेक्सी कैप फंड (Flexi Cap Fund) मल्टी कैप फंड (Multi Cap Fund) की तरह होते हैं लेकिन ये एक फ्लेक्सिबल इंवेस्टमेंट मैंडेट को फॉलो करते हैं। फ्लेक्सी कैप फंड लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों के बीच अपने एलोकेशन को आसानी से बदल पाते हैं। पर ये 65 फीसदी पैसा इक्विटी और इक्विटी रिलेटेड इंस्ट्रूमेंट्स (Equity and Equity Related Instruments) में जरूर निवेश करते हैं। कई फ्लेक्सी कैप फंड हैं, जिन्होंने इसी के मद्देनजर निवेशकों को भारी रिटर्न दिया है।

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