Business Bulletin: देश के सबसे बुजुर्ग अरबपति केशुब महिंद्रा का निधन हो गया है। वह 99 साल के थे और महिंद्रा एंड महिंद्रा को घर-घर का ब्रांड बनाने में उनकी अहम भूमिका रही थी। अमूल के बाद अब गुजराती मिर्ची पर कर्नाटक में रार बढ़ने की संभावना है। तो ICICI बैंक ने यूपीआई में EMI में पेमेंट की सुविधा शुरू कर दी है। आइए जानते हैं अब तक की टॉप बिजनेस न्यूज..
महिंद्रा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन केशुब महिंद्रा का 99 साल की उम्र में देहांत हो गया है। हाल में फोर्ब्स ने भारत के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट जारी की थी जिसमें देश के सबसे बुजुर्ग अरबपति केशुब महिंद्रा बने थे। केशुब महिंद्रा 16.4 बिलियन डॉलर रेवेन्यू वाले महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के सेवामुक्त चेयरमैन थे।
अमूल के बाद अब कर्नाटक में गुजरात मिर्ची पुष्पा पर नया राजनीतिक विवाद शुरु हो सकता है। एशिया की सबसे बड़ी मिर्ची मंडी में से एक बायगाडी में लोकल बनाम बाहरी का मुद्दा गरमाता जा रहा है। स्थानीय कारोबारियों और किसानों को लग रहा है कि गुजरात की मिर्ची पुष्पा के कारण उनकी लोकल मिर्ची की मांग नहीं बढ़ रही है। और उसका असर उनके कारोबार पर पड़ेगा। ऐसे में लोकल मिर्ची को बढ़ावा मिलना चाहिए।
रिलायंस कैपिटल के कर्जदाताओं ने अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल की बिक्री के लिए नीलामी का दूसरा दौर आयोजित करने का फैसला किया है। अब रिलायंस कैपिटल की सेकंड ऑक्शन 26 अप्रैल को होगी। बता दें कि रिलायंस कैपिटल के कर्जदाताओं की समिति ने मंगलवार को बैठक की, जिसमें में यह फैसला लिया गया है।
जानें कैसे करें यूजPI पेमेंट सबसे आसान होता है। इसलिए हम हर तरह का पेमेंट करने के लिए UPI ऐप्स का ही उपयोग करते हैं। पर कई बार हम जब किसी सामान की ज्यादा कीमत होने पर EMI का विकल्प चुनते हैं तो हमें क्रेडिट कार्ड या फिर डेबिट कार्ड का जुगाड़ करना होता है। पर अब आप UPI के जरिए ही ईएमआई पर सामान खरीदा जा सकता है। दरअसल ICICI बैंक ने अब क्यूआर कोड को स्कैन करके यूपीआई पेमेंट करते वक्त मंथली ईएमआई पर सामान खरीदने की सुविधा शुरू की है। बाई नाऊ पे लेटर की सुविधा का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं।
टैक्स चोरी के लिए कई लोगों ने नायाब तरीका निकाला है। इसके तहत वह ऐसी राजनीतिक दलों के साथ मिल कर खेल कर रहे हैं, जो कम लोकप्रिय हैं और छोटी पार्टियां है। टैक्सपेयर इन कंपनियों को जरिए डोनेशन दिखाकर फिर पैसे को वापस कैश में हासिल कर ले रहे हैं। इस काम में 3.5 से 5 फीसदी कमीशन पर कई राजनीतिक पार्टियां उनकी मदद कर रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे कई लोगों की पहचान की है, और वह इस संबंध में जरुरी कार्रवाई कर रहा है।
