Income Tax Department detect tax evasion in donations to political party: टैक्स चोरी के लिए कई लोगों ने नायाब तरीका निकाला है। इसके तहत वह ऐसी राजनीतिक दलों के साथ मिल कर खेल कर रहे हैं, जो कम लोकप्रिय हैं और छोटी पार्टियां है। टैक्सपेयर इन कंपनियों को जरिए डोनेशन दिखाकर फिर पैसे को वापस कैश में हासिल कर ले रहे हैं। इस काम में 3.5 से 5 फीसदी कमीशन पर कई राजनीतिक पार्टियां उनकी मदद कर रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे कई लोगों की पहचान की है, और वह इस संबंध में जरुरी कार्रवाई कर रहा है।
राजनीतिक पार्टियों के नाम पर टैक्स चोरी
ऐसे चल रहा है गोरखधंधा
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक दलों के साथ मिलकर व्यक्तिगत स्तर से लेकर कुछ फर्म भी ऐसा कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2019-20 के आईटीआर जांच में यह बात सामने आई है। इसके तहत इस खेल में शामिल राजनीतिक दलों को पहले चेक या ऑललाइन तरीके से डोनेशन दिया जाता है। फिर राजनीतिक दल उस पैसे को पार्टी के विभिन्न खर्च में दिखाकर, डोनेशन देने वाले व्यक्ति या फर्म को वापस कर देते हैं। इसके लिए कई शेल कंपनियां भी बनाई गई हैं। और वेंडर पेमेंट के नाम पर पार्टी के जरिए फिर से पैसा डोनेशन देने वाले के पास चला जाता है। इसके लिए राजनीतिक दल 3.5 से 5 फीसदी कमीशन लेते हैं। और इस तरह बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही है।
23 पार्टियों को नोटिस
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस संबंध में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मार्च में 23 राजनीतिक पार्टियों को नोटिस भेजा है। ये राजनीतिक कम लोकप्रिय हैं। और उनकी पहचान नहीं के बराबर है। असल में इनकम टैक्स के नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति सेक्शन भारतीय जनप्रतिधि कानून-1951 के सेक्शन 29 A के तहत पंजीकृत राजनीतिक पार्टी को डोनेशन देकर इनकम टैक्स छूट ले सकता है। और इसी का फायदा कुछ लोगों द्वारा उठाया जा रहा है।
