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30 साल का रिकॉर्ड टूटा! सितंबर में IPO की बंपर बारिश, 30 कंपनियों ने जुटाए ₹38785 करोड़

भले ही सितंबर में शेयर बाजार के ज्यादातर इंडेक्स और सेंसेक्स निफ्टी का पसीना छूटा हो। लेकिन, IPO की बंपर बारिश देखने को मिली। इस दौरान 30 मेनबोर्ड कंपनियों ने निवेशकों से ₹38785 करोड़ जुटाए हैं।

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सितंबर में आईपीओ की बंपर लिस्टिंग

IPO Market Update : भारतीय शेयर बाजार में पिछला एक महीनी भारीत उठा-पटक (Volatility) में बीता है। खासतौर पर अगस्त में जो FII का आउटफ्लो थमता दिख रहा था, वह सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। ग्लोबल इकोनॉमिक कंडिशन को लेकर चिंता बढ़ी हुई है, वहीं Primary Market में IPO की जबरदस्त रफ्तार देखने को मिल रही है।

सितंबर 2026 मेनबोर्ड IPO के लिहाज से करीब तीन दशक का सबसे व्यस्त महीना बन गया है। इस महीने अब तक 30 मेनबोर्ड IPO लॉन्च हो चुके हैं। यह संख्या दिसंबर 1996 के बाद किसी एक महीने में सबसे ज्यादा है। दिसंबर 1996 में 33 मेनबोर्ड IPO आए थे।

सिर्फ IPO की संख्या ही नहीं, फंडरेजिंग के लिहाज से भी सितंबर बेहद मजबूत रहा है। इस महीने मेनबोर्ड IPO के जरिए करीब ₹38,785 करोड़ जुटाए गए हैं। यह अक्टूबर 2025 के बाद किसी एक महीने में सबसे बड़ा मेनबोर्ड फंडरेजर साबित हुआ है। अक्टूबर 2025 में 10 IPO के जरिए करीब ₹45,188 करोड़ जुटाए गए थे।

NSE IPO ने बढ़ाया आंकड़ा

सितंबर की फंडरेजिंग में सबसे बड़ा योगदान NSE IPO का रहा है। कंपनी ने ₹22,561 करोड़ का IPO उतारा है। यह अब तक साल का सबसे बड़ा IPO है और अकेले इस इश्यू ने महीने के कुल फंडरेजिंग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। हालांकि, सितंबर में आने वाले ज्यादातर IPO बहुत बड़े नहीं हैं। 30 मेनबोर्ड में सिर्फ 6 IPO का इश्यू साइज ₹1,000 करोड़ से ज्यादा रहा। बाकी ज्यादातर इश्यू छोटे रहे हैं, जिनका औसत साइज करीब ₹400 करोड़ रहा।

SME IPO में भी हलचल

मेनबोर्ड के साथ SME कैटेगरी में भी जोरदार हलचल देखने को मिली है। सितंबर में अब तक 37 SME IPO लॉन्च हुए हैं, जो पिछले साल सितंबर के बाद किसी एक महीने की सबसे ज्यादा संख्या है। इन IPO के जरिए करीब ₹1,486 करोड़ जुटाए गए हैं। SME IPO की इस तेजी के पीछे लंबे समय से तैयार हो रही कंपनियों की पाइपलाइन भी एक वजह है।

बाजार की उठा-पटक के बावजूद क्यों आ रहे IPO?

Primary Market में इस तेजी के पीछे घरेलू लिक्विडिटी एक बड़ा फैक्टर है। म्यूचुअल फंड में लगातार हो रहे SIP इनफ्लो इक्विटी मार्केट में स्थिर कैपिटल उपलब्ध करा रहे हैं। कई IPO को इन्वेस्टर से मजबूत डिमांड मिलने के कारण कंपनियों का भरोसा भी बढ़ा है।

IPO Fundraising में OFS का बड़ा हिस्सा

इस साल मेनबोर्ड IPO मार्केट में ऑफर फॉर सेल यानी OFS की हिस्सेदारी काफी बड़ी रही है। अब तक मेनबोर्ड IPOs के जरिए करीब ₹1.12 लाख करोड़ जुटाए गए हैं, जिसमें लगभग ₹66,630 करोड़ OFS के जरिए आए हैं। यानी कुल फंडरेजिंग का बड़ा हिस्सा कंपनियों के पूराने शेयरहोल्डर्स को मिला है। इस तरह सितंबर का यह IPO Rush भारतीय बाजार की मजबूत निवेश क्षमता को दिखाता है। हालांकि, आगे इस तेजी की की स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि नए IPO के वैल्यूएशन, अर्निंग और बिजनेस निवेशकों की उम्मीदों पर कितने खरे उतरते हैं।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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