सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने हाल ही में सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को साल 2018 के सैंड पेपरगेट मामले पर बयान देते हुए कहा था कि उसमें तीन खिलाड़ी नहीं बल्कि पूरी टीम शामिल थी। ख्वाजा के इस बयान ने ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट गलियारों में भूचाल ला दिया है। चारों तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है। सैंड पेपरगेट कांड के दौरान ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कोच रहे डैरेन लेहमन (Darren Lehmann) ने ख्वाजा के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। ऐसा ही क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी किया था।
सिरे से किया सभी को जानकारी होने से इनकार
लेहमन ने इस बारे में कोई और जानकारी होने से इनकार किया है। ख्वाजा के सनसनीखेज आरोप का जवाब देते हुए लेहमन ने एबीसी ग्रैंडस्टैंड' से कहा,उन्हें खिलाड़ियों की गेंद पर सैंडपेपर के इस्तेमाल करने की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मुझे नहीं लगता कि सभी को इसके बारे में पता रहा होगा।' लेहमन ने आगे कहा, 'लेकिन आपको यह तो पता होता है कि बॉल-टैम्परिंग हो रही है, क्योंकि ऐसा 150 सालों से होता आ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यह कैसे किया जाता है और किस हद तक इस बारे में आपको, गेंदबाजों और टीम के अन्य खिलाड़ियों को इसके बारे में पता होता है।'
खिलाड़ी बताएंगे उन्हें पता था या नहीं
लेहमन ने यह भी कहा कि वह इस मामले में शामिल अन्य लोगों की ओर से कुछ नहीं कह सकते, उन्होंने इस घटना के नतीजों को स्वीकार किया और सीरीज के आखिरी टेस्ट से पहले टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। उन्होंने कहा, "इस मामले में हर खिलाड़ी का अपना अलग नजरिया हो है... मुझे लगता है कि वे खुद अपनी बात रखेंगे और बताएंगे कि उन्हें क्या पता था। मैं उनकी तरफ से कुछ नहीं कह सकता। मैं सिर्फ उतना ही बता सकता हूं जितना मुझे पता है, और मुझे पता है कि बॉल-टैम्परिंग कभी क्रिकेट खेल का एक बड़ा हिस्सा हुआ करती थी। अब यह चलन खत्म हो चुका है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह सही था; बहरहाल, ऐसा ही हुआ और हमें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। उस समय जो नतीजे सामने आए, हमें उन्हें स्वीकार करके आगे बढ़ने की कोशिश की।'
