बजट 2026

Economic Survey: क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे, बजट के लिए क्यों जरूरी हैं इसके आंकड़े

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 22, 2024, 10:22 AM IST

Economic Survey: आम बजट से पहले सोमवार को यानी आज भारत का इकोनॉमिक सर्वे जारी किया जाएगा है। आर्थिक सर्वे आमतौर पर केंद्रीय बजट से एक दिन पहले ही जारी किया जाता है। आर्थिक सर्वे को सरकार के रिपोर्ट कार्ड की तरह देखा जाता है। इसमें सरकार की कमाई से लेकर खर्च तक की जानकारियां होती हैं।

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इकोनॉमिक सर्वे।

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • आर्थिक सर्वेक्षण को माना जाता है बजट का मुख्य आधार।
  • कमाई से लेकर खर्च तक की जानकारियां शामिल होती हैं।
  • शामिल होते हैं अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन के आंकड़े।

Economic Survey: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को देश का आम बजट पेश करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है। आम बजट से पहले सोमवार को यानी आज भारत का इकोनॉमिक सर्वे जारी किया जाएगा है। आर्थिक सर्वे आमतौर पर केंद्रीय बजट से एक दिन पहले ही जारी किया जाता है। आर्थिक सर्वे को सरकार के रिपोर्ट कार्ड की तरह देखा जाता है, इसके जरिए वो देश की बेहतर आर्थिक तस्वीर पेश करती है। आर्थिक सर्वेक्षण या इकोनॉमिक सर्वे को पेश होने वाले बजट का मुख्य आधार माना जाता है।

इकोनॉमिक सर्वे में क्या होता है

इकोनॉमिक सर्वे में सरकार पिछले वित्तीय वर्ष की समीक्षा के आधार पर तैयार करती है। इसमें सरकार की कमाई से लेकर खर्च तक की जानकारियां होती हैं। एक साल में विकास के कितने काम हुए और कौन सी योजनाएं लॉन्च की गईं जैसी तमाम जानकारियां शामिल होती हैं। इसके अलावा रोजगार, जीडीपी के आंकड़े, बजट घाटे और महंगाई दर जैसे अहम आंकड़े भी इस रिपोर्ट में शामिल होते हैं। इन तमाम डेटा के आधार पर वित्त मंत्रालय का इकोनॉमिक्स डिवीजन इकोनॉमिक सर्वे को मुख्य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में तैयार करता है।

आर्थिक सर्वेक्षण महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पिछले वर्ष के आर्थिक रुझानों और आने वाले साल के अनुमानों के बारे में व्यापक तरीके से बताता है। आर्थिक सर्वेक्षण का डेटा अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को समझने, उभरती चुनौतियों की पहचान करने और फैसला लेने में मदद करता है।

अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन की रिपोर्ट

हर साल, भारत का आर्थिक सर्वेक्षण कई तरह के विषयों को कवर करता है। इसमें बड़े पैमाने पर आर्थिक संकेतक शामिल हैं, जो जीडीपी ग्रोथ रेट, मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटे सहित स आर्थिक जो ओवरऑल इकोनॉमिक हेल्थ का वैल्यूएशन करते हैं। ये अर्थव्यवस्था की स्थिरता और ग्रेथ ट्रेजेक्टरी के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। दूसरी ओर अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन की रिपोर्ट भी इकोनॉमिक सर्वे में शामिल होती है। इसमें कृषि, उद्योग, सर्विसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स का विश्लेषण किया जाता है, जो आर्थिक विकास में इनके ओवरऑल योगदान को उजागर करता है।

आर्थिक सर्वेक्षण बजट प्रस्तावों को तैयार करने के लिए तथ्यात्मक बैकड्रॉप प्रदान करता है, जो बजट के फैसलों का आधार होता है। सर्वेक्षण की सिफारिशें अक्सर नीतिगत प्राथमिकताओं, टैक्स सुधारों, एक्सपेंडिचर, आवंटन, आर्थिक वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने की पहल को आकार देती हैं। इस साल के आर्थिक सर्वे को मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन की अगुवाई वाली टीम ने तैयार किया है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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