बजट 2026

Budget 2025: टैक्सपेयर्स के लिए बल्ले-बल्ले! 15 लाख रुपये तक की आय पर मिल सकती है इनकम टैक्स में छूट

Budget 2025, Income Tax Exemption: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत सरकार आगामी बजट में सालाना 15 लाख रुपये तक आय वालों के लिए इनकम टैक्स में छूट देने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो इससे लाखों टैक्सपेयर्स को लाभ होगा विशेषकर उच्च जीवन-यापन खर्च का सामना कर रहे शहरी लोगों को फायदा होगा।

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बजट में इनकम टैक्स छूट का हो सकता है ऐलान

Photo : iStock

Budget 2025, Income Tax Exemption: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दो सरकारी स्रोतों के हवाला देते हुए बताया कि भारत सरकार आगामी बजट में सालाना 15 लाख रुपये तक कमाने वाले लोगों के लिए इनकम टैक्स कम करने पर विचार कर रही है, जिसका उद्देश्य मिडिल क्लास को राहत देना और आर्थिक मंदी के बीच उपभोग को प्रोत्साहित करना है। अगर इस प्रस्ताव को लागू किया जाता है, तो इससे लाखों टैक्सपेयर्स को लाभ हो सकता है। खासकर शहरों में रहने वाले उन लोगों को फायदा होगा जो हाई लाइफ स्टाइल के साथ जीवन जीते हैं।

यह राहत उन लोगों पर लागू होगी जो 2020 की टैक्स व्यवस्था यानी नई टैक्स रिजीम का विकल्प चुनते हैं, जिसमें आवास किराये के लिए छूट जैसे छूट शामिल नहीं हैं। नई टैक्स रिजीम के तहत 3 लाख से 15 लाख रुपये की सालाना आय पर 5% से 20% के बीच टैक्स लगाया जाता है। अधिक आय पर 30% टैक्स लगता है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत उपभोग को बढ़ावा देना और मिडिल क्लास को कुछ राहत प्रदान करना है, जिससे संभावित रूप से लाखों टैक्सपेयर्स को लाभ होगा, विशेष रूप से शहरों में जो बढ़ती जीवन-यापन लागत से बोझिल हैं।

भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, यह जुलाई से सितंबर के बीच 7 तिमाहियों में सबसे धीमी गति से बढ़ी है। यह उच्च खाद्य महंगाई दर से भी प्रभावित है, जिससे उपभोक्ता वस्तुओं और यहां तक कि वाहनों की डिमांड में भी कमी आई है। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक कटौती का आकार अभी पूरी तरह से तय नहीं हुआ है और अंतिम निर्णय 1 फरवरी 2025 को बजट के करीब लिया जा सकता है।

फिलहाल टैक्सपेयर्स दो टैक्स सिस्टम में से चुन सकते हैं; पुरानी व्यवस्था (old tax regime) जो आवास किराये और बीमा पर छूट देती है और 2020 में शुरू की गई नई व्यवस्था (New tax regime) जो थोड़ी कम दरें प्रदान करती है, लेकिन बड़ी छूट नहीं देती है। रिपोर्ट के मुताबिक टैक्स की दर कम करने से अधिक लोग नई टैक्स रिजीम को चुनने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जो कम जटिल भी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के मौजूदा इनकम टैक्स संग्रह का बड़ा हिस्सा कम से कम 10 लाख रुपए कमाने वाले व्यक्तियों से आता है, जिसके लिए दर 30% है। सरकार उच्च टैक्स को लेकर मिडिल क्लास से राजनीतिक आक्रोश का भी सामना कर रही है और वेतन में वृद्धि महंगाई दर की गति को पकड़ने में असमर्थ है। गौर हो कि टाइम्स नाउ नवभारत टैक्स छूट को लेकर को किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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