Budget 2024, Income Tax, PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भारत के आगामी बजट में 500 अरब रुपये यानी 6 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के उपभोग-बढ़ाने वाले उपायों पर विचार कर रही है, जिसमें सात वर्षों में पहली बार काम आय वाले व्यक्तियों के लिए टैक्स में कटौती भी शामिल है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने सबसे ज्यादा खर्च करने की प्रवृत्ति वाले उपभोक्ताओं के लिए टैक्स में कटौती के प्रस्तावों पर चर्चा की है। लोगों ने पहचान उजागर न करने का अनुरोध करते हुए कहा कि 500,000 रुपये ($5,987) से 1.5 लाख रुपए तक की सालाना आय वाले व्यक्ति, जिन पर वर्तमान में 5%-20% के बीच टैक्स लगता है। इस कदम से लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक नए टैक्स स्लैब पर भी विचार किया जा सकता है।
पीएमओ से मंजूरी के बाद होगा फैसला
ईटी के मुताबिक इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि योजना के डिटेल पर अभी भी काम चल रहा है और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से मंजूरी मिलने के बाद जुलाई में पेश होने वाले बजट के समय के करीब अंतिम निर्णय लिया जाएगा। टैक्स परिवर्तनों से राजस्व हानि के बावजूद सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 5.1% के अपने राजकोषीय घाटे के टारगेट पर टिके रहने की योजना बना रही है।
किसानों को मिल सकते हैं 6000 के बदले 8000 रुपए
लोगों ने बताया कि 500 अरब रुपए के उपायों में से करीब आधा हिस्सा टैक्स कटौती से आएगा, जबकि बाकी अन्य कार्यक्रमों से आएगा। उन्होंने बताया कि छोटे किसानों को सालाना कैश भुगतान को मौजूदा 6000 रुपए से बढ़ाकर 8000 रुपए करने के लिए बातचीत चल रही है। इसके अलावा न्यूनतम नौकरी गारंटी (Minimum Job Guarantee) कार्यक्रम के तहत सालाना भुगतान बढ़ाने और महिला किसानों के लिए वित्तीय सहायता का विस्तार करने पर भी चर्चा चल रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस सप्ताह अर्थशास्त्रियों, ट्रेड यूनियनों और उद्योग मंडलों समेत हितधारकों के साथ बजट-पूर्व परामर्श कर रही हैं। स्थानीय मीडिया ने बताया कि नई मोदी सरकार का बजट 22 जुलाई को पेश किया जा सकता है।
लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिलने का असर!
मोदी की बीजेपी 2014 में सत्ता में आने के बाद पहली बार हाल के संसदीय चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल करने में विफल रही। अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि चुनावों में बीजेपी के उम्मीद से कम प्रदर्शन के कारण वह बजट में अधिक लोकलुभावन खर्च उपायों की ओर रुख कर सकती है। एक अधिकारी ने कहा कि सरकार को अर्थव्यवस्था में इस तरह से धन डालने की जरुरत है जिससे परिणाम जल्दी दिखें। हालांकि अतिरिक्त खर्च के बावजूद सरकार चालू वर्ष के लिए अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को बनाए रखेगी, जिसमें काफी हद तक मजबूत राजस्व और केंद्रीय बैंक से 25 बिलियन डॉलर के डिविडेंड की मदद मिलेगी। आने वाले महीनों में महाराष्ट्र सहित कम से कम तीन प्रमुख क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जहां बीजेपी अपना वोट बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
